Thursday, September 29, 2022

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ग्रेजुएशन करने के बाद नहीं मिली नौकरी तो खेती से लिख दी सफलता की इबारत, लोगों को भी दे रहे प्रशिक्षण

बेरोजगारी आज पूरे भारतवर्ष में एक भीषण समस्या बन गया है। युवाओं को अच्छी पढ़ाई लिखाई के बाद भी नौकरियां मिलने में बेहद परेशानी हो रही है। रोजगार ना मिलना उन युवाओं के मनोबल को गिरा देता है और वे खुद को हारा हुआ महसूस करने लगते हैं। लेकिन कुछ लोग इन समस्याओं को भी अवसर में परिवर्तित कर देते हैं। आज बात एक ऐसे शख्स विपिन यादव (Wipin Yadav) की जो जिन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी तो की लेकिन उन्हें कोई बेहतर रोजगार नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने कृषि को अपना करियर बना लिया और उसी से सफलता की इबारत लिखी शुरू कर दी।

कृषि को बनाया आमदनी का जरिया

हरियाणा (Hariyana) के गुरूग्राम (Gurugram) स्थित सैदपुर (Saidpur) फर्रूखनगर निवासी विपिन यादव (Wipin Yadav) ने अपनी पढ़ाई कंप्यूटर साइंस बीएससी करके पूरी की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी की भी तलाश करनी शुरू की लेकिन कोई भी अच्छी नौकरी पाने में विफल रहे। इसके बाद उन्होंने नौकरी के पीछे भागने के मजा आए कुछ अलग ही करने का सोचा और खेती में अच्छी संभावना को परखकर उसे अपनाने की शुरुआत की। कृषि कार्य के अंतर्गत विभिन्न ने अपने एक दोस्त की सहायता से फूल की खेती को चुना। सबसे पहले उन्होंने फूल की खेती के लिए अच्छी ट्रेनिंग ली और अपने गांव की ओर रुख किया और घर की छतों पर बिना मिट्टी के फूलों की खेती की शुरुआत की।

विपिन द्वारा की जा रही फूलों की खेती

विपिन घर की छतों पर बने पॉलीहाउस (Poly House) में फूलों की खेती कर रहे हैं। गुरुग्राम क्षेत्र में फूलों की अधिक डिमांड होने के कारण वे अपने किसी कार्य को और विस्तार देना शुरू किया। आपकी अब किराए की जगह ले कर फूलों की खेती करने लगे उन्होंने अपने पॉलीहाउस में अनेकों प्रजातियों के फूल लगाए हैं। उनकी खेती के साथ में नजदीक के नर्सरी में प्रो ट्रे बनाकर भी सप्लाई करते हैं।

बिना मिट्टी के करते हैं फूलों की खेती

विपिन ने मीडिया से रूबरू होकर बताया था कि कोकोपीट यानि नारियल का बुरादे, परलाइक और बर्मीको लाइट को 3,1,1 के भाग में मिलाकर प्रो ट्रे में डालकर बेड बनाया जाता है और सैप्‍लिंगस को उठाकर ट्रे में लगा दिया जाता है। एक डेढ़ महीने तक दो-तीन दिन में एक बार पानी देकर इनकी देखभाल की जाती है। ट्रे में जर्मिनेशन होने के बाद खेतों में रोपित होने के लिए पौधे तैयार हो जाते हैं। वैसे ज्यादातर पौधे प्रो ट्रे की स्थिति में ही बिक जाते हैं।

युवाओं के लिए कायम की प्रेरणा

विपिन जिस तरह कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद खेती में कामयाबी की कहानी लिखी है वह अन्य बेरोजगार युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। वे निरंतर अपने व्यापार को बेहतर आयाम दे रहे हैं। जो लोग कृषि में अपना भविष्य तलाश रहे हैं उन लोगों को विपिन निःशुल्क प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

विपिन जो कभी खुद रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटका करते थे वह अपने कृषि कार्य के कारण कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं। विपिन द्वारा किया जा रहा है यह कार्य अपने आप में एक मिसाल है जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

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