Monday, September 26, 2022

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जिस बैंक में कभी करना पड़ा सफाई का कार्य, आज उसी बैंक में जनरल मैनेजर के पद पर हुईं आसीन

कभी-कभी जिंदगी का पहिया इस कदर घूमता है कि वह सफलता की ऐसी ऊंचाई पर लेकर जा पहुंचता है जहां जाना आम इंसान के बस की बात नहीं। ये सफलता हासिल करने के लिए उस इंसान को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है और अपने पथ पर अडिग रहना पड़ता है।

आज की हमारी यह कहानी एक ऐसी महिला की है जिन्होंने जिस बैंक में झाड़ू लगाया आगे चलकर अपनी मेहनत की बदौलत उसी बैंक ने उन्हें असिस्टेंट जनरल मैनेजर का पोस्ट दिया गया। हलांकि ये सब उनकी परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही फल है।

अगर आप भी यह जानने के लिए उत्सुक है कि आखिर वह महिला कौन है?? जिन्होंने झाड़ू पोछा करने के बावजूद असिस्टेंट पद प्राप्त किया तो इस लेख पर बने रहें। हम उनके विषय में आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं…

प्रतीक्षा टोंडलवकर (Pratiksha Tondwalkar) की कहानी

वह महिला हैं प्रतीक्षा टोंडलवकर (Pratiiksha Tondwalkar) जिन्होंने अपनी मेहनत से वो कार्य कर दिखाया जिसे शायद ही किसी ने कभी सोंचा हो। ये हमारे देश के महाराष्ट्र (Maharastra) के पुणे (Pune) से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने जो भी सफलता हासिल की है इसके लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है तब जाकर वह कामयाब हो पाईं हैं।

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16 वर्ष की उम्र में हुई शादी

प्रतीक्षा मात्र 16 वर्ष की थी तब उनकी शादी सदाशिव कुंडू से हुई जो कि मुंबई के निवासी थे। वह बैंक में एक कर्मचारी के पोस्ट पर कार्यरत थे। दाम्पत्य जीवन में बांधने के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियां बढ़ी फिर भी वह अपने जीवन में काफी खुश थी। उनकी ज़िंदगी में सबसे बड़ी खुशी आई जो था उनका मां बनना। वह मां बनने वाली थी जिसे सुनकर वह फुले नहीं समा पा रहीं थीं। वह अपनी खुशी और दुगना करना चाहती थी इसलिए अपने परिजनों से मिलने का प्लान बनाया।

टूटा ज़िंदगी में दुःख का पहाड़

सब कुछ उन्हीं के मुताबिक हो रहा था परंतु यह वह दौर था जब उनकी जिंदगी में भूचाल आ गया। जब वह अपने पति के साथ यात्रा कर रही थी तो एक्सीडेंट में उनका इंतकाल हो गया। जिसने प्रतीक्षा को काफी तोड़ के रख दिया। आगे उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया और इसकी जिम्मेदारी संभालना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था।

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Sbi बैंक में किया सफाई कर्मचारी के तौर पर काम

अपनी आजीविका के लिए उन्होंने एसबीआई बैंक में सफाई कर्मचारी के रूप में नौकरी प्रारंभ की। वह सफाई कर्मचारी के तौर पर काम भी करती और वक्त निकालकर अपनी पढ़ाई भी प्रारंभ कर दी। उन्होंने अपनी मेहनत के बदौलत अपनी किस्मत को बदला और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। आगे उनका प्रमोशन हुआ और वह बैंक में क्लर्क के पोस्ट पर कार्यरत हुई। आगे उन्होंने वर्ष 1993 में प्रमोद टोंडवालकर से पुनः विवाह किया जिन्होंने उनका काफी प्रोत्साहन बढ़ाया।

अब हैं असिस्टेंट जनरल मैनेजर की पोस्ट पर तैनात

अपनी मेहनत और प्रोत्साहन के बदौलत उन्होंने जमकर मेहनत किया और आज वह असिस्टेंट जनरल मैनेजर की पोस्ट पर कार्यरत हैं। प्रतीक्षा की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणाप्रद है जो अपने जिंदगी में आए मुश्किलों से डर जाते हैं और किस्मत का रोना रो कर जिंदगी बिताते हैं।

Khushboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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