Tuesday, October 4, 2022

Buy now

मजदूर के बेटे ने 6 महीने में कबाड़ से बनाई ई-सोलर कार्ट, विदेशों से लोगों ने किया ऑर्डर

आज दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा प्रदूषण है। हमारे चारों तरफ हर प्रकार के प्रदूषण दिन रात बढ़ रहे हैं और वाकई यह चिंता का विषय है। हम सभी को मिलकर पर्यावरण संरक्षण की और अपना योगदान देना चाहिए। आज बात एक ऐसे युवक की करने जा रहे हैं जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बेहतरीन कदम उठाया है। इन्होंने कचड़े द्वारा ही सोलर कार्ड का निर्माण किया है जो बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है।

बीटेक सेकंड ईयर के स्टूडेंट Azharuddin मोदीनगर के निवासी हैं। उनके अब्बू का नाम अमीरुद्दीन है। बचपन से ही नई नई चीजों का निर्माण करने वाले अजहरुद्दीन पर्यावरण के लिए चिंतित रहते थे। पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने सोलर पावर से चलने वाली कार्ड का निर्माण किया ताकि ना उससे धुआं निकले और ना ही पर्यावरण प्रदूषित हो। उनके द्वारा बनाई गई यह गाड़ी सभी को बेहद पसंद आई और इसके लिए उन्हें काफ़ी ऑर्डर भी आने लगे। Azharuddin from Muradnagar made solar cart with waste

कचरे से बनाया सोलर कार्ट

अजहरुद्दीन ने इस गाड़ी का निर्माण कबाड़ी से किया है। इस गाड़ी में उन्होंने बैटरी मीटर और सोनल पैनल नए इस्तेमाल किए हैं। इसके साथ ही इसे बिजली द्वारा चार्ज करने का भी प्रबंध किया गया है। इसमें 12 वोल्ट की 5 बैटरी लगी है। एक बार चार्ज होने पर या गाड़ी 10 से 15 किलोमीटर की यात्रा तय कर पाएगी। वहीं अगर इसे बिजली से चार्ज किया जाए तो यह 40 किलोमीटर की यात्रा तय करेगी।

और भी कई निर्माण किए हैं

सुभारती इंस्टीट्यूट से बीटेक की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं अजहरुद्दीन ने पांचवी कक्षा में ही इंजेक्शन एवं आईवी सेट द्वारा क्रेन मॉडल बनाया था। 11वीं कक्षा में उन्होंने सीटर हेलीकॉप्टर का निर्माण किया था। वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें कुछ निर्माण करने में काफी मुश्किलें आती थी। इसलिए उन्हें इस कार्ड को बनाने में लगभग 6 माह का वक्त लग गया। इसे बनाने में उन्हें डेढ़ लाख रुपए का खर्चा आया। उन्होंने अपने इस निर्माण को एक वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जिसके बाद उन्हें बहुत से ऑर्डर आने लगे। अब इस सोलर कार्ड का उपयोग हरियाणा के हिसार कैंट एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में हो रहा है।

Amit Kumar
Coming from Vaishali Bihar, Amit works to bring nominal changes in rural background of state. He is pursuing graduation in social work and simentenusly puts his generous effort to identify potential positivity in surroundings.

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
- Advertisement -

Latest Articles