Wednesday, September 28, 2022

Buy now

अंग्रेज़ी बोलने नहीं आने के कारण नहीं मिली नौकरी, खुद सिख अब लोगों को ऑनलाइन पढ़ती हैं Anupma Garg

वैसे तो हिंदी हमारी मातृ भाषा है। परंतु आज के जमाने में अंग्रेजी भाषा को भी हमारी मातृ भाषा से भी अधिक अहमियत मिल रही है। हर जगह पर इंग्लिश भाषा का प्रयोग करने को कहा जाता है। अगर इंसान को अच्छी नौकरी करनी है तो उसे अंग्रेजी जरूर आनी चाहिए। नौकरी के लिए इंटरव्यू में भी बड़े ऑफिसर सारे प्रशन अंग्रेजी में ही पूछते है। और सामने वाले से भी वह सब ऑफिसर यह उम्मीद करते है कि वह भी अंग्रेजी में ही सारे प्रश्नों का जवाब दे। गांव से पढ़े हुए बच्चो को इस में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं। क्योंकि बचपन से उनकी पढ़ाई हिंदी में ही होती है। और बड़े होकर जब वह शहर में अच्छी नौकरी ढूंढने के लिए निकलते है तो हर जगह उनसे अंग्रेजी में बोलना और इंग्लिश मीडियम की ही डिग्री मांगी जाती है। और सिर्फ गांव के बच्चो को ही नही शहर के भी कई बच्चो को इंग्लिश मीडियम में पढ़ने के बावजूद भी अच्छे से अंग्रेजी में बोलना नहीं आता है। तब उन्हे भी बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आज हम बात करेंगे एक ऐसी ही महिला की जिन्होंने इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई की परंतु अंग्रेजी में उन्हे बहुत अच्छे से बोलना नहीं आता था। तब उन्होंने कई मुश्किल का सामना करते हुए अंग्रेजी सीखी और आज दूसरो को भी सिखाती है।

कौन है वह महिला…..

जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं। उनका नाम है, अनुपमा गर्ग। वह बचपन से ही अजमेर में रहती थी। वही से उन्होंने अपनी पढ़ाई लिखाई की। स्कूल खतम होने के बाद अनुपमा ने बीए, एमए और एमबीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने बचपन से लेकर कॉलेज तक की सारी पढ़ाई इंग्लिश मीडियम से ही की थी। परंतु डिग्री हासिल करने के बाद जब वह अच्छी नौकरी ढूंढने दिल्ली आई तो उन्हे आसानी से नौकरी नहीं मिली क्योंकि उन्हें अंग्रेजी में अच्छे से बोलना नहीं आता था। उन्होंने बताया की जो हमे बचपन से सिखाया जाता है। उसका यहां मेरी नौकरी से कोई तालुक नही था। हमे कभी कॉलेज में ऐसी नौकरियों के लिए त्यार ही नही किया गया था। इंग्लिश मीडियम से सारी पढ़ाई करने के बाद मुझे अंग्रेजी में अच्छे एस लिखना आता था, पढ़ना भी आता था परंतु बोलना नहीं आता था। और अंग्रेजी में बोलना आना ही नौकरी लगने के लिए जरूरी था। जब उन्होंने दिल्ली का ऐसा माहोल देखा तो उन्होंने है नही मानी और यह सोचा कि अब वह अंग्रेजी बोलना सीखेंगी।

Anupama Garg Teaches English Through Online

कैसे सीखी अंग्रेजी…..

अनुपमा ने बताया कि जब उन्होंने यह सोच लिया कि वह अब अंग्रेजी सीखेंगी और अच्छी नौकरी करेंगी। तब से ही उन्होंने अंग्रेजी बोलने की कोचिंग शुरू करदी। उन्होंने बताया की वह कोचिंग के साथ साथ अंग्रेजी अपने मैनेजर से भी सिखाती थी। और हर समय वह अंग्रेजी किताबो को पढ़ा करती थी। उन्होंने अंग्रेजी सीखने के लिए बहुत मेहनत की। दिन रात प्रयास किया क्योंकि उनका कहना था कि भाषा एक ऐसी चीज है जिसे हम हर प्रशन के जवाब की तरह याद नही कर सकते। अगर इसे हम याद करने की कोशिश करेंगे तो कभी सिख नही पाएंगे। कोई भी भाषा सीखने के लिए उसे समझना, मन और दिमाग से सीखना जरूरी होता है। उसके बाद उसका जितना अभ्यास हम करेंगे उतने ही अच्छे से हमे वह भाषा बोलने आ पाएगी। वह जो भी अंग्रेजी के बारे में पढ़ती, सीखती थी। वही सब वह अपनी किताब में लिख लिया करती थी। और सारा दिन अंग्रेजी बोलकर खूब अभ्यास करती थी।

यह भी पढ़ें:-इस गृहणी ने शुरू किया खाखरा का बिजनेस, पूरे देश में आउटलेट्स खोल अनेकों महिलाओं को रोजगार से जोड़ा

कैसे की दूसरो की मदद…..

अनुपमा ने जब अंग्रेजी बोलना अच्छे से सिख लिया उसके बाद उन्हे एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिल गई थी। जहां उनका काम था प्लेसमेंट की ट्रेनिंग देना। वह अक्सर अपने ऑफिस में ऐसे लोगो को देखती थी जिन्हे अंग्रेजी बोलने में बहुत मुश्किल होती थी और वह बहुत चिंतित भी होते थे। खासकर गांव के लोग अंग्रेजी बोलने में बहुत कठिनाईयों का सामना करते थे। क्योंकि उनकी पढ़ाई बचपन से ही हिंदी मीडियम से हुआ करती थी। तो आगे उन्हे यहां आकर अंग्रेजी सीखने में काफी मुश्किल होती थी। परंतु जब अनुपमा ने उन्हे देखा तो उन्हे अपना वही समय याद आने लगा जब वह नई नई देखी में आई ही थी और उन्हे भी अंग्रेजी में अच्छे से बोलना नहीं आता था। तो वह अपने ऑफिस में उन लोगो की काफी मदद किया करती थी। ताकि उन्हें अच्छी नौकरी मिल सके। वह उन्हे बहुत अच्छे से अंग्रेजी की चीजे समझती थी और सीखने में उनकी मदद किया करती थी। अपने समय में सब मुश्किलों का सामना करने के बाद अनुपमा को अब अच्छे से समझ आ गया था कि बचपन से कॉलेज तक की पढ़ाई का उन्हे कैसे उपयोग करना है।

आज के दौर में सभी लोगो को अंग्रेजी पढ़नी और लिखनी तो अति है परंतु बोलना हर किसी को नही आता हैं। और लोग बहुत शर्म महसूस करते है अंग्रेजी सीखने में उन्हे ऐसा लगता है की यह सीखना अपने आपमें एक शर्म वाली बात है। कि लोग क्या कहेंगे इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करने के बाद भी अंग्रेजी बोलने नही अति है।हमे कभी भी दुनिया की नही सोचनी चाहिए और अपने विकास के बारे में सोचना चाहिए। जिस तरह अनुपमा ने बिना किसी झिझक के अंग्रेजी बोलना सीखा और एक अच्छी नौकरी करने लगी। उसी तरह हम सबको बिना किसी झिझक के अपने विकास पर ध्यान देना चाहिए और कभी भी कुछ भी सीखने के लिए शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
- Advertisement -

Latest Articles