Thursday, September 29, 2022

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फ़ौज में मन नहीं लगा तो छोड़ दी नौकरी, अब लोगों को डांस और योगा सिखाती हैं: Sumisha Shankar

हम सभी अपने जीवन में कुछ बनने की चाह ज़रूर रखते है। जिसे कुछ लोग अपना लक्ष्य बना लेते है। और जब तक उस लक्ष्य को प्राप्त नहीं करते तब तक वह चैन की सांस नही लेते है। अगर मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की ठान ले तो वह आवश्य अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है भले ही फिर कितनी भी कठिनाइयां क्यू न हो। हर किसी को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता और कई बार हमारी जिंदगी में कई ऐसे मोड़ भी आते है। जहा पर हमे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का रास्ता छोड़कर दूसरा रास्ता अपनाना पड़ता है। उस समय कई लोग अपने लक्ष्य को भूलकर उस दूसरे रास्ते को ही अपनी किस्मत समझकर हमेशा के लिए अपना लेते है। परंतु कुछ लोग ऐसे होते है, जो अपने लक्ष्य को न भूलकर दूसरे रास्ते पर जाकर भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की हर नामुमकिन कोशिश करते है। क्योंकि कई लोग अपने लक्ष्य को ही अपनी जिंदगी बना लेते है। उनके लिए सब कुछ उनका सपना ही होता है। फिर चाहे उन्हे वह किसी भी हाल में पूरा करना पड़े।

आज हम बात करेंगे एक ऐसी ही महिला की जो की एक आर्मी ऑफिसर होने के बाद भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहती थी। और उस लक्ष्य के कारण ही उन्होंने अपनी अच्छी खासी आर्मी की नौकरी को छोड़ दिया था। आइए जानते है, उनकी कहानी…..

कौन है वह महिला….

जिनके बारे में आज हम बात करने जा रहे है, उनका नाम सुमिषा शंकर (sumisha shankar) इनके पिता एक साइंटिस्ट है और यह अपने परिवार में माता पिता और तीन भाई बहन के साथ रहती है। इनका बचपन बिहार में ही बीता है। वही से इन्होंने अपनी शिक्षा ग्रहण की ओर डांस की कला सीखी उन्हे डांसिंग का बहुत शौंक था। परंतु जिंदगी उन्हे किसी और मोड़ पर ले गई। उन्होंने बताया की वह आर्मी में 6 साल तक कप्तान रह चुकी है। परंतु उनकी रुचि किसी और कला में ही थी फिर भी जितने भी समय इन्होंने आर्मी की नौकरी की है वह अपना तन, मन से की है परंतु नौकरी करते समय इन्हे अपना सपना भी बखूबी याद रहता था। उन्हे अपना सपना पूरा करने की हिम्मत अपनी मां से मिली है। इनकी मां इनका हमेशा साथ देती वे हमेशा इनके साथ खड़ी होती थी। और अपने सपनो को साकार करने की सलाह देती थी। उन्ही की बदौलत आज ये अपना सपना पूरा कर पाई है।

आर्मी की नौकरी……

जैसा की हमने पढ़ा की वह 6 साल आर्मी में कप्तान रह चुकी है। इसके साथ साथ वह बाकी अन्य फोजियों को ट्रेनिंग भी देती थी। वह अपनी नौकरी बहुत अच्छे से कर रही थी। देश के प्रति अपना फर्ज निभा रही थी। परंतु उनके मन मैंनेहमेशा यह बात रहती थी की वह अपने बचपन का सपना कब और कैसे पूरा करेंगी। उन्हे डांसिंग का बहुत शौंक था। आर्मी की नौकरी दौरान ही कुछ साल पहले उन्हे एक इंटरनल इंजरी हो गई थी। जिससे उनकी कमर में दर्द रहने लगा था। जब भी वह दवाई लेती थी उस दर्द की तो वह ठीक रहती थी। परंतु उस दवाई का असर खत्म होने के बाद उन्हे फिर से वही दर्द शुरू हो जाता था। वह दर्द सहन करने लायक बिलकुल नहीं था। परंतु इसके बाद भी इन्होंने हर हाल में अपने सपने को पूरा करने की सोची। हालाकि आगे जाकर उनके इस कमर के दर्द ने बहुत सी कठिनाइयां खड़ी की परंतु उन्होंने हार नही मानी।

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वह बचपन से ही कुछ अलग करने का सोचती थी। उनकी सोच कुछ अलग पहचान बनाने की थी। कि वह कुछ ऐसा अलग करे जिससे उनकी पहचान अलग बने। उन्हे कलाकारी का बहुत शौंक था और यही उनका सपना था अपने सपने के लिए उन्होंने अपनी आर्मी की अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी थी। उनके परिवार वाले उनकी नौकरी छोड़ने के बाद चाहते थे की वह यूपीएससी की परीक्षा दे परंतु सुमीषा ने आर्मी की नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ी थी की वह अपना सपना पूरा कर सके।

Captain sumisha Shankar journey from defense to yoga instructor
कैप्टन सुमिषा शंकर

कैसे की सपने को पूरा करने की शुरुवात…..

सुमीषा ने बताया कि वह अपनी आर्मी की नौकरी के दौरान एक बार मुंबई जेल में कैदियों को ट्रेनिंग देने गई थी। उन्हे वह के कैदियों की मानसिकता को बदलना था। जो कि उन्होंने अपनी कला से किया। इससे उन्हे पता लग गया की उन्हे आगे क्या करना चाहिए। जिससे उनका सपना पूरा हो सके। अपनी आर्मी की नौकरी छोड़कर उन्होंने थेरेपी का एक कोर्स किया। और उस कोर्स को करने बाद उन्होंने जेल में ही कैदियों को ट्रेनिंग देना शुरू की ओर वही से उनका सपना पूरे होने की शुरुवात हुई। उन्होंने बताया कि आर्मी की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी कई आदतों को छोड़ा। क्योंकि आर्मी में रहने वालो की जिंदगी आम आदमी की जिंदगी से अलग होती है। आर्मी में आपको बहुत कुछ सिखाया जाता है। जिससे आपकी आदतें बदल जाती हैं। जब उन्हे अपने सपने की राह दिखा थी। तब वह बहुत खुश थी। और उन्होंने अपनी आर्मी को नौकरी छोड़ दी थी।

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कमर का दर्द बना अड़चन……

जब वह आर्मी की नौकरी छोड़कर आई थी। तब वह बहुत प्रसन्न थीं और इस खुशी में उन्होंने खूब डांस किया।जिससे उनके कमर का दर्द फिर से शुरू हो गया था। उनकी परेशानी इस बार बढ़ गई थी। उन्होंने बताया की इस बार उनका दर्द पहले से भी खतरनाक था। उन्हे आराम नही आ रहा था। तभी उन्होंने एक डॉक्टर से सलाह ली तो उन्होंने इसका कोई इलाज नहीं बताया। उसके कुछ समय बाद उन्होंने किसी दूसरे डॉक्टर से सलाह लेने की सोची। और वह उस डॉक्टर से जब मिली तो डॉक्टर ने उन्हे बताया की आपको कोई भी इंटरनल इंजरी नही है। आपके बैठने का तरीका गलत है जिससे आपकी मासपेशियां कमजोर हो गई है। और उसी के कारण आपको यह दर्द हो रहा है। इस दर्द को ठीक करने के लिए उन्होंने योगा करना शुरू किया जिससे उनकी कमर में आराम आ गया था। परंतु अब वह डांस नही कर सकती थी।

इसके बाद इन्होंने एक कंपनी खोली जिसमे यह वूमेन एंपावरमेंट जैसे प्रोग्राम्स करते थे। परंतु इसके द्वारा उनका सपना पूरा नहीं हो पाया था फिर साल 2017 में उन्होंने योग थेरेपी के बारे में रिसर्च शुरू की। हर जगह से इसकी जानकर लेने के बाद इन्होंने सोचा की क्यू न ऑर्गेनिक डांस मेडिटेशन के बारे में सोचा जाए। यह एक अलग तरीके का डांस होता है। जिससे लोग इमोशनली अपने आपको स्ट्रॉन्ग बना सकते है। यह कला अच्छे से सिख कर सुमिषा ने अन्य लोगो को सिखाने की ठान ली। अब उनका यही उद्देश्य था कि वह लोगो को इमोशनली स्ट्रॉन्ग बना सके। और स्टेबल भी जिससे हर कोई अपनी जिंदगी में सही निर्णय ले सकता है। जब उन्होंने लोगो को यह सिखाना शुरू किया उसके बाद उन्हे यह महसूस हुआ कि वह इससे अपनी अलग पहचान बना सकती है। और इसी तरह उन्होंने कई मुश्किलों का सामना करके अपने सपने को पूरा कर लिया।

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