Wednesday, October 5, 2022

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बिहार के छोटे से गांव से निकलकर IPS के बाद बनी IAS अधिकारी, जानिए दिव्या शक्ति के सफलता की कहानी

हर रोज न जाने कितने बच्चे कुछ न कुछ बनने का सपना देखते हैं जिसे वो पूरा करने के लिए रात दिन एक कर देते हैं लेकिन वही इंसान कामयाब होता हैं जिसमे कुछ कर दिखाने का जुनून हो, सच ही कहा है किसी ने कड़ी मेहनत और लगन से की हुई कोशिशें कभी भी व्यर्थ नहीं जाती और एक न एक दिन मंजिल हमारे कदम जरूर चूमती हैं

जैसे हमने बताया की हर कोई कुछ न कुछ बनने का सपना देखता, ज्यादातर लोग IAS बनने का सपना देखते, लेकिन हर कोई इस सपने तक पहुंचने के लिए कामयाब नही हो पता क्युकी हम सब जानते है की यूपीएससी की परीक्षा पास करना कोई आसान बात नही क्युकी इसे भारत की सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है जिसके लिए कड़ी मेहनत और लगन चाहिए, जो इंसान इस परीक्षा को अपना सब कुछ मान कर दिन रात एक कर पढ़ाई और मेहनत करता हैं वो अवश्य इस परीक्षा को पार कर अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता हैं

ऐसी ही एक लड़की के बारे में आज हम आपको बताएंगे जिसकी कड़ी मेहनत और जज्बे से अपने IAS बनने के सपने को साकार किया और अपने माता–पिता का नाम रोशन किया।

कौन है वह लड़की…

आज हम बात करेंगे दिव्या शक्ति (Divya Shakti) जो बिहार (Bihar) के सारण (Saran) जिले के जलालपुर प्रखंड के कोठयां गांव की रहने वाली है। जो बचपन से ही काफी तेज और जिन्हे पढ़ने लिखने का काफी शौक है इनके परिवार की बात करे तो इनके पिता का नाम धीरेंद्र कुमार सिंह (Dhirendar kumar singh) है जो कि बेतिया मेडिकल कॉलेज के रिटायर सुपरिटेंडेंट डॉक्टर है,वे इनकी माता का नाम मंजुल प्रभा (Manjul prabha) है जो एक ग्रहणी है इनके एक भाई और एक बहन है भाई जो MBA कर चुके है और एक निजी कंपनी में काम करते है वे बहन पंजाब के भटिंडा पेशे से लेक्चरर है। इनका कहना है की इनके भाई बहन ने इन्हे हमेशा पढ़ने के लिए मोटिवेट किया और इनके माता पिता ने इन्हे कभी भी किसी चीज को लेकर कमी नही आने दी।

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आपको बता दे की दिव्या शक्ति (Divya shakti) एक काफी तेज दिमाग की लड़की है अगर इनकी पढ़ाई की बात करे तो इनको बचपन से ही पढ़ाई में काफी दिलचस्पी थी उन्ही की इस दिलचस्पी से उन्होंने अपनी पढ़ाई को हमेशा दिल लगा के किया। उन्होंने अपनी 12वी की पढ़ाई करने के बाद चर्चित कॉलेज बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की, यह डिग्री लेने के बाद उन्होंने अपने सपने की तरफ कदम बढ़ाया और अपनी यूपीएससी की परीक्षा की शुरुवात की और अपनी तैयारी में जुट गई, इनकी इसी लगन से इन्होंने अपनी शुरुवात की, क्युकी इनका सपन था की वह आईएएस अधिकारी बन लोगो की सहयात करे।

सफलता की और बड़ा पहला कदम…..

दिव्या शक्ति (Divya shakti) ने अपनी सफलता मैं पहला कदम बढ़ाया। उन्होंने अपनी मेहनत कर यूपीएससी की परीक्षा दी और उन्होंने अपना पहला पर्यतन 2019 में किया, जिसमे उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही 79वी रैंक हासिल की और इसी रैंक को देखते हुए उन्हें आईपीएस का पद संभालने का मौका मिला ।

सपना को नही छोड़ा अधूरा, जो चाहती थी बनना वो बन के दिखाया…

जैसे की हमने आपको बताया की दिव्या शक्ति जो एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन रैंक को देखते हुए उन्हें आईपीएस का पद मिला, परंतु वह आईएएस बनना चाहती इस चाहत को देखते हुए उन्होंने अपनी यूपीएससी की तैयारी को नही छोड़ा और अपनी आईपीएस की ट्रेनिंग के साथ यूपीएससी की परीक्षा की फिर से तैयारी की ओर उसको परीक्षा दी।

आपको बात दी की अपने सपनो को संजोए दिव्या ने अपनी हार ना मानते हुए यूपीएससी की परीक्षा 2021 में दुबारा प्रयत्न कर 59वी रैंक हासिल की जिससे उन्होंने अपना सपना साकार किया और (IAS Divya shakti) बन गई। इससे कहते है महंत और जुनून जो दिव्या शक्ति ने अपने अंदर कभी खत्म नहीं होने दिया और आखिर में उन्होंने अपना सपना साकार कर IAS अधिकारी का पद हासिल किया और इसी सफलता पर उनके घर जश्न का मोहाल हुआ जिसमे उनके चर्चे गांव में होने लगे।

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दिव्या का कहना था की हर कोई बच्चा अपनी जिंदगी में कुछ न कुछ बनने का लक्ष्य बनाते है ऐसा ही एक लक्ष्य दिव्या का भी तो वो आईएएस बनना चाहती थी जिसमे वो समाज सेवा करना चाहती थी

प्रेरणा….

आईएएस दिव्या शक्ति जिसने आज अपने माता पिता का नाम रोशन कर कठिन परीक्षा को पास किया, दिव्या शक्ति आज लोगो के लिए सफलता की मिसाल बनी जिन्होने आईपीएस बनने के बाद भी अपने सपने के लिए मेहनत की ओर आईएएस का पद हासिल किया, दिव्या शक्ति आज उन लोगो के लिए प्रेरणा बनी जो एक बार प्रयास कर अपनी कामयाबी से हार मान कर उससे लड़ना छोड़ देते हैं।

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