Thursday, September 29, 2022

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चार साल में 40 प्री स्कूल खोल हजारों बच्चियों की ज़िंदगी संवार रही यह महिला, पेरेंटिंग के ज़रिए मिली यह ऊंचाई

जिंदगी जो हमेशा इंसान को एक ऐसा मौका देती है जिससे वो कुछ हासिल कर सके लेकिन, उस मौके का फायदा कैसे उठाया जाए ये इंसान के ऊपर निर्भर करता, लोग ज़िंदगी में कुछ बड़े बनने के और सफल होने के सपने देखते हैं परंतु, सफल वही होता है जिसके हौसले और इरादे दोनो बुलंद हो आखिर में जीतता वही है जो डर के सामना कर उन चुनौतियों को पार कर आगे निकलता हैं।।

आज कहानी एक ऐसी ही शख्स की है जिन्होने अपनी जिंदगी में हार ना मान कर अपने सपनो को सफल किया और अपने काम से हर जगह अपनी पहचान बना ली।

कौन है वो शख्स….

आज हम बात कर रहे है डॉ पल्लवी राव चतुर्वेदी (Dr. Pallavi Rao Chaturvedi) की जो कर्नाटक ( karnatak) के बैंगलोर (Banglore) में रहने वाली है इनकी पूरी फैमिली पढ़ी–लिखी थी पिता एक काफी बड़े व्यापारी जो की माता स्कूल की प्रिनिसिपल थी पल्लवी पढ़ने में काफी तेज थी और इनकी दो बहने जो वो भी पढ़ाई में काफी तेज थी। पल्लवी को अपनी पढ़ाई करते–करते किसी लड़के से प्यार हो गया था जिससे उन्होंने शादी कर अपने प्यार को सही मंजिल पर पहुंचाया।

शादी के बाद वह भोपाल चली गई उन्हे अपना ससुराल भी वैसा ही मिला जैसा उनका मायका था क्युकी दोनो फैमिली काफी पढ़ी–लिखी थी आज उनकी शादी के 10साल बीत चुके है और वह बताती है की उनको हर जगह पढ़ा–लिखा मोहल ही मिला चाहे वो बाहर और या फिर घर हर जगह पढ़ाई में शौक रखने वाले लोग ही मिले।

अपनी पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद वह अपने कैरियर पर ध्यान देने लगी अपने कैरियर की शुरुवात उन्होंने कॉरपोरेट से की वह बताती है की उन्होंने नेस्ले ब्रेटिनिया जैसे कंपनी में सीनियर पोस्ट पर काम किया।

Dr. Pallavi Chaturvedi Opened 40 Pre Schools
डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी

जिंदगी ने बदला रुख….

जैसे की हम सब जानते हैं भारतीय समाज में एक शादी शुदा औरत का दूसरा जन्म कहलता हैं जब वह अपने बच्चे को जन्म देती हैं ऐसे ही पल्लवी ने भी 2012 में एक बेटी को जन्म दिया जिसके बाद मानो उनकी जिंदगी बदल गई और कुछ करने का मौका ही मिल गया। जब पल्लवी की प्रेग्नेसी का समय चल रहा था तब उन्होंने अर्ली चाइल्डहुड डेवलपमेंट पर किताबें पढ़नी शुरू कर दी। जिससे उन्हें उन किताबों से काफी कुछ जानकारियां मिली।

पल्लवी को बच्चो के साथ रहना काफी अच्छा लगता था जब उनको बेटी 1.5 साल की हो गई तो उन्होंने एक प्री स्कूल खुला जिसमे वह सारा दिन उन्ही बच्चो के साथ रहती थी। धीरे–धीरे उन्होंने अपना कदम आगे बढ़ाया और देखते ही देखते 4 सालो के अंदर 40प्री स्कूल खोल दिए यही नहीं साथ साथ उन्होंने बचपन में बच्चो को क्या मिलना चाहिए और क्या नहीं इसी चीज को पढ़ाने के लिए उन्होंने 0–8 साल तक के बच्चो को स्कूल खोला।

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2017 में पल्लवी ने एक बेटे को जन्म दिया बेटे को जन्म देने के बाद पल्लवी और भी उभर के बाहर निकली वह बताती है कि जब पीएचडी की पढ़ाई कर रही थी तब उनकी बेटी 5 साल की और बेटा 1.5 साल का था उन्होंने अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कभी ना नही की जब वह पीएचडी कर रही थी तो साथ ही साथ स्कूल के लिए बिजनेस प्लान भी कर रही थी। उनकी यही मेहनत से आज उनको यह काम करते 17 साल हो गए।

शुरू हुआ लॉकडॉन रुकी बच्चो की पढ़ाई….

हम सब जानते हैं की लॉकडाउन में हर चीज को बंद कर दिया गया था और काफी बुरा हाल हो गया था ऐसे में ही सभी स्कूलों को ताले लग चुके और बच्चो की पढ़ाई बीच में ही रह गई थी जिसके चलते पल्लवी के सभी प्री स्कूल बंद हो गए थे स्कूल बंद होने के कारण बच्चो के माता–पिता काफी चिंतित हो गए और बच्चो के लिए परेशान होने लगे।

इन सब बातो पर ध्यान देते हुए पल्लवी ने इंस्टाग्राम पर पेरेंटिंग का सबसे पहला पोस्ट किया, जिसको लोगो ने काफी पसंद किया और जिसके चलते आज मेरे इंस्टाग्राम पर 3 लाख फॉलोअर्स हो गए हैं धीरे–धीरे इंस्टाग्राम पर लोगो को उनके पोस्ट पसंद आने लगे तो उन्होंने फेसबुक (facebook) और यूट्यूब (youtube) पर भी वीडियो, पोस्ट डालना शुरू किया जिससे उनके काफी फॉलोअर्स बन गए।

नया विकल्प ढूंढा अपने कैरियर को लेकर….

लॉकडाउन जिसमे सभी चीज बंद हो गई और सभी कामों को ऑनलाइन किया गया यहां तक बच्चो की पढ़ाई भी ऑनलाइन होने लगी जिससे बच्चे पढ़ाई में पीछे न रह जाए, इन्ही सभी चीज को देखते हुए पल्लवी ने इंस्टाग्राम पर कंटेंट शेयर किया जिसमे उन्होंने बताया की बच्चो की सेहत का कैसे ध्यान रखे, उनकी मेंटल हेल्थ का कैसे ध्यान रखे, बच्चा कैसे बनेगा एक अच्छा रीडर, कैसे रहेगा वो स्क्रीन से दूर आदि इन्ही सभी चीज को उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया जिससे लोग देख कर काफी जानकारियां हासिल कर रहे थे और यह सब जानकर काफी खुश थे।

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पति रहे हमेशा साथ….

पल्लवी के सोच को हमेशा उनके पति और ससुर ने बढ़ावा दिया हमेशा उनकी नई सोच को लेकर उनको प्रोत्साहित किया और जिंदगी में आगे बड़ने को कहा यही सब देख कर उनकी फैमिली पल्लवी पर काफी गर्व महसूस करती है इन सभी काम में मेरे बच्चे ही मेरे लिए प्रेरणा बने हमेशा मेरे साथ देकर आज में ऐसे मुकाम तक पहुंची हूं।

Dr. Pallavi Chaturvedi Opened 40 Pre Schools
Husband Praises My Work

जिंदगी में करना है कुछ हासिल तो करना पड़ेगा मुश्किल का सामना….

जिंदगी में अपनी मंजिल तक पहुंचना काफी आसान नहीं होता हमे कही मुश्किल का सामना करना पड़ता हैं जिसके लिए दिल में लगन और मेहनत चाहिए होती हैं लेकिन, मुश्किल का सामना कर आगे बड़ने से एक न एक दिन मंजिल जरूर हासिल होती है

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पल्लवी बताती है की हर मुश्किल का सामना कर में आज सफल हो ही गई आज मैंने हर महिला को अपना कैरियर बनाने के लिए एक ऑप्शन दिया जिससे वो विकल्प कर कैरियर को बना कर सफल हो सकती हैं

प्रेरणा….

डॉक्टर पल्लवी ने आज साबित कर दिया की मेहनत और लगन से सफलता मिल जाती है और अपनी जिंदगी को अपने ढंग से ही जीए और किसी पे ध्यान न देकर अपनी मेहनत कर आगे बड़े।

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