Tuesday, October 4, 2022

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ऐसे शुरू करें नॉन वोवन बैग्स बनाने का बिजनेस, होगी अच्छी कमाई

जब से भारत में प्लास्टिक बैग पर बैन लगा है तो मार्केट में हर जगह नॉन वोवेन बैग देखने को मिल रही है। सभी दुकानों पर अब दुकानदार प्लास्टिक बैग के जगह नॉन वोवेन बैग इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। नॉन वोवेन बैग के बढ़ते डिमांड को देखते हुए लोग इसके बिजनेस को शुरू करने में रुचि दिखा रहे हैं।

क्यों हो रहा नॉन वोवेन बैग का इस्तेमाल?

प्लास्टिक बैग से बढ़ते प्रदूषण से निपटारा के लिए भारत सरकार ने उस पर बैन लगा दिया है, जिस कारण अब मार्केट में सभी तरफ नॉन वोवेन बैग का इस्तेमाल भारी मात्रा में हो रहा है क्योंकि इस बैग से हमारे पर्यावरण तथा अन्य चीजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।

नॉन वोवेन बैग का बिजनेस होता है लाभप्रद

नॉन वोवेन बैग का बिजनेस काफी कम लागत में शुरू कर इससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस बैग को बेचने के लिए ज्यादा मार्केटिंग की भी जरूरत नहीं होती क्यूंकि इसका पर्यावरण तथा किसी अन्य में चीजों पर बुरा प्रभाव नहीं है जिस कारण इसका डिमांड भी बहुत ज्यादा है। आज के दौर में लोकल मार्केट से लेकर बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल में केवल प्लास्टिक बैग तथा नॉन वोवेन बैग का ही इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में अगर इसका व्यवसाय शुरू किया जाए तो यह ज्यादा लाभप्रद हो सकता है।

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किन- किन चीजों की होती है जरूरत?

इस बिजनेस को शुरू करने में रॉ मैटेरियल के रूप में प्लास्टिक के दागे तथा नॉन वोवन फैब्रिक की जरूरत पड़ती है। मार्केट में नॉन वोवन फैब्रिक रोल के हिसाब से मिलते हैं और इसी रोल के मदद से अलग-अलग प्रकार के नॉन वोवेन बैग को बनाया जाता है।

वीडियो देखें:-👇👇

किन-किन मशीनों की होती है जरूरत?

नॉन वोवन बैग्स बनाने के लिए मार्केट में मशीन बहुत आसानी से मिल जाते हैं। इन मशीनों की कीमत 3 लाख से शुरू होती है तथा ऑटोमैटिक मशीनों की कीमत 4.5 लाख से शुरू होती है। आप अपने बजट के अनुसार इन मशीनों को खरीद सकते हैं।

इन मशीनों की पड़ती है जरूरत

  • D-Cut Machine
  • W-Cut machine
  • Sewing Machine
  • Printing Machine
  • Weighing Machine

नॉन वोवन बैग बनाने की प्रक्रिया

नॉन वोवन बैग बनाने के लिए सबसे पहले नॉन वोवन फैब्रिक रोल को मशीन की रोलर पर सेट किया जाता है। इसके बाद मशीन में सबसे पहले फैब्रिक के किनारे फोल्ड किया जाता है। इसके बाद फैब्रिक फोल्डर पर आता है उसके बाद फैब्रिक डबल लेयर में बैग की लंबाई के अनुसार फोल्ड हो जाता है। इसके बाद फैब्रिक बैग के चौड़ाई के अनुसार हौरन बूस्टर से सील होते हैं। यह सीलिंग 120 से 130 डिग्री सेंट्रीगेट तक हौरन बूस्टर को हिट करके दी जाती है। सीलिंग होने के बाद D-Cut पंचिंग Machine से D-Cut हैंडल कटता है। इसके बाद बैग आगे आकर हाइड्रोलिक कटर से सीलिंग निशान के पास से कट होकर पूरी तरह तैयार हो जाता है। इसके बाद प्रिंटिंग मशीन से बैग प्रिंट होकर मार्केट में भेजा जाता है।

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नॉन वोवेन बैग बनाने में लागत?

अगर इस कारोबार की शुरुआत आप छोटे स्तर पर करना चाहते हैं तो 4 से 5 लाख रूपये की लागत में इसकी शुरुआत कर सकते है। वहीं बड़े स्तर पर शुरू करने के लिए 20 से 25 लाख रूपये की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावे इस व्यवसाय को 2500-3000 Sqft के जगह में शुरू कर सकते हैं। क्योंकि D-Cut Machine साइज में बड़ी होती है और प्रोडक्ट्स को स्टोर करने के लिए भी जगह की जरूरत होती है।

बता दें कि, इस व्यवसाय में 15 से 20 कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है तथा मशीनों को ऑपरेट करने के लिए 10 किलो वॉट की जरूरत होती है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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