Sunday, February 5, 2023

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इस आईएएस अफसर ने छुए अपने स्कूल की मेड के पैर और लिया आशीर्वाद, नम हुईं सबकी आंखें: IAS Ashish Mishra

विनम्रता न केवल आपके व्यक्तित्व में निखार लाती है, अपितु आपकी सफलता का कारण भी बनती है।’ इसका उदाहरण बिहार के पूर्णिया (Purnia) जिले के रहने वाले आशीष मिश्रा है।

स्कूल मेड के छुए पैर

उन्हें सिविल सर्विसेज़ एग्जाम 2020 के रिजल्ट (UPSC Exam Result) में 52वां रैंक मिल है, जिसे मिलने के बाद उन्होंने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लेना सही समझा और वह सीधे अपने स्कूल पहुंच गए। उन्होंने केवल गुरुजनों का ही आशीर्वाद नहीं लिया बल्कि वहां पर मौजूद स्कूल मेड का भी पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिससे उस मेड की आंखे भर आईं।

स्कूल मेड को हुआ अपने स्कूल के छात्र पर गर्व

आशीष मिश्रा ( IAS Ashish Mishra) बिहार राज्य के पूर्णिया जिला का रहने वाले है। UPSC के एग्जाम में 52वां रैंक हासिल करने के बाद वह अपने स्कूल ब्राइट कैरियर (Bright Career School) पहुंचे, जहां जाकर अपने प्रिंसिपल, शिक्षकों तथा स्कूल मेड वीणा देवी का पैर छूकर प्रणाम किया। इतना विन्रमता देखने के बाद स्कूल मेड के आखों से आंसू छलक गई। उन्होंने कहा हमें गर्व है कि आशीष मिश्रा उनके स्कूल के छात्र हैं तथा उन्होंने यह कभी नही सोचा था कि एक आईएएस अफसर उनका पैर छुएंगे।

छात्रों को किया प्रेरित

आईएएस अफसर बनने के बाद अपने स्कूल पहुंच आशीष ( IAS Ashish Mishra) ने पहले गुरुजनों का आशीर्वाद लिया फिर क्लास रूम में जाकर छात्रों को प्रेरित भी किया। उन्होंने छात्रों से यह कहा कि अगर मन में अपने लक्ष्य प्राप्ति को लेकर दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है।

शुरू से ही रहे है, मेधावी और आदर्श छात्र 

आशीष मिश्रा ( IAS Ashish Mishra) के स्कूल के डायरेक्टर गौतम सिन्हा ने बताया कि आशीष शुरू से ही पढ़ने में बहुत होनहार थे। Bright Career School से उन्होंने आठवीं से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की है।

जूनियर छात्रों का भी लिया मोटिवेटेशनल सेशन

आशीष मिश्रा ( IAS Ashish Mishra) ने जूनियर सेशन के बच्चों का मोटिवेटेशनल सेशन लिया और छात्रों को बताया कि अगर वह भी सही दिशा में सही प्रयत्न करेंगे तो एक न एक दिन सफल जरूर होंगे।

आशीष मिश्रा (IAS Ashish Mishra) के कहना है कि बच्चों के मोरल विकास के लिए हर स्कूल में स्किल डेवलपमेंट की पढ़ाई होनी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि सफलता के लिए शिक्षा के साथ संस्कार और विनम्रता भी जरूरी है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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