Thursday, September 29, 2022

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नौकरी छोड़कर करने लगे यूपीएससी की तैयारी, 74वां रैंक लाकर बने आईएएस अफसर

देश की सबसे अहम परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा में हर साल लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं। इनमें से कुछ लोग परीक्षा में कामयाब होते हैं, तो कुछ असफल भी होते हैं। आज हम बात करेंगे, एक ऐसे शख्स की जिन्होंने अपने प्री प्लानिंग के अनुसार दो प्रयास में हीं यूपीएससी की परीक्षा उतीर्ण कर लिया। हालांकि मन मुताबिक रैंक नहीं मिलने के कारण उन्होंने एक अटेम्पट और यूपीएससी की परीक्षा दी तथा मन मुताबिक रैंक पाते हुए आईएएस अफसर बनने में सफल रहें। IAS Pradeep Kumar Dwivedi

कौन है वह शख्स?

हम प्रदीप कुमार द्विवेदी ( IAS Pradeep Kumar Dwivedi) की बात कर रहे हैं, जिनका जन्म बुंदेलखंड के छोटे से गांव बारीगढ़ में हुआ था। उनकी बचपन बहुत हीं गरीबी में गुजरी। बता दें कि, उनके पिता एक किसान थे।

शुरुआती शिक्षा गांव से हीं की पूरी

प्रदीप की शुरुआती शिक्षा गाँव से हुई। 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वें इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भोपाल चले गए और वहां से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। IAS Pradeep Kumar Dwivedi

इंजीनियर की नौकरी छोड़ कर किया UPSC की तैयारी

इंजीनियर की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बिजली विभाग में बतौर सरकारी इंजीनियर कुछ सालों तक नौकरी किया। नौकरी के दौरान हीं कुछ कारणों से उन्हें सिविल सेवा का ख्याल आया और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की और उसमे सफलता भी प्राप्त किए। IAS Pradeep Kumar Dwivedi

पहले प्रयास में रहे असफल

बिजली विभाग में सरकारी इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले प्रदीप कुमार द्विवेदी ( IAS Pradeep Kumar Dwivedi) को यूपीएससी परीक्षा के पहले हीं प्रयास में सफलता नहीं मिली। पहले प्रयास में मिली असफलता के कारण उन्हें यूपीएससी परीक्षा के दुसरे प्रयास में अच्छी-खासी मेहनत करनी पड़ी और दुसरे प्रयास के यूपीएससी की परीक्षा में वें सफल रहें लेकिन उनका रैंक मन मुताबिक नहीं थी। बता दें कि, उनकी रैंक 491थी, जिसकी वजह से उन्हें आईएएस का पद नहीं मिली। IAS Pradeep Kumar Dwivedi

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

ऐसे तो शुरु में प्रदीप ने UPSC में दो बार बैठने की योजना बनाई थी। लेकिन उनका सपना 2 प्रयासों में पूरा नहीं हुआ। दुसरे प्रयास में उन्होंने सफलता तो पाई लेकिन मन मुताबिक रैंक नहीं मिलने के कारण वें अपना फैसला बदलते हुए तीसरे बार में यूपीएससी की परीक्षा के लिए खुद को तैयार किए। अंतत: वर्ष 2018 में वें अपने AIR 74 के साथ तीसरे प्रयास में सफल हुए और अपने सपने को साकार करते हुए आईएएस बनने में कामयाब हुए। IAS Pradeep Kumar Dwivedi

बिना कोचिंग के सहारा लिए प्राप्त की सफलता

प्रदीप ने नए कैंडिडेट्स को सलाह देते हुए बताया कि UPSC की परीक्षा की तैयारी में हमें मेन्स और प्री को एक साथ लेकर चलना चाहिए क्योंकि पहले हम मेन्स की तैयारी करेंगे तो प्री की तैयारी अपने आप ही हो जाएगी। सबसे खास बात तो उन्होंने बताया कि, उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। उन्होंने कैंडिडेट्स को बताया कि, आप कोचिंग में ज्यादा पैसे बर्बाद न करें बल्कि इंटरनेट के माध्यम से भी आप अच्छे से UPSC की तैयारी कर सकते हैं।IAS Pradeep Kumar Dwivedi

लोगों के लिए बने हैं प्रेरणा

अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल कर प्रदीप कुमार द्विवेदी ( IAS Pradeep Kumar Dwivedi) ने अपनी सफलता से समाज को एक अच्छा संदेश देने का काम किया है। उनकी यह निरंतर संघर्ष के कारण हीं उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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