Tuesday, October 4, 2022

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ससुराल में घरेलू हिंसा के शिकार हुई, तलाक का केश लड़ी, अब UPSC क्लियर कर सपनों का मुकाम हासिल की Shivani Goyal

हमारे समाज में आज भी लड़कियां कही न कही शादी के बाद अपने ससुराल जा कर सुरक्षित नहीं रह पाती । आज के समय में जहा एक तरफ़ हमारे समाज में कई लोग अपनी बहुओं को ससुराल में आने के बाद पढ़ाई कराते हैं उन्हे उनकी हर मर्जी पूरी करने देते है। यह तक की उन्हे अपने खुद के घर से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। वही आज कुछ लोग हमारे समाज में ऐसे भी है जो अब भी अपनी बहुओं पर कई अत्याचार करते है। उन्हे कही भी जाने की इजाजत नहीं दी जाती। हर बात पर रोक टोक करते है। और यही ही नही बल्कि हाथ भी उठाते है। यह अत्याचार बिलकुल भी सहन करने लायक नही हैं। ऐसे में कुछ लड़कियां तलाक लेकर अपने ससुराल वालो पर अत्याचार करने का केस भी दर्ज कराती है। परंतु कई लड़कियां यह नहीं कर पाती क्योंकि वह मजबूरी की हतकड़ियों में बंधी हुई होती है। आज हम बात करेंगे एक ऐसी महिला की जिन्होंने शादी के बाद अपने ससुराल वालो के कई अत्याचार सहने के बाद तलाक लिया और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ी। वह अपनी जिंदगी में इस तरह आगे बढ़ी की उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नही देखा। तलाक के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी में एक मुकाम हासिल किया है। आइए जानते हैं इनकी कहानी…..

कौन है वह महिला….

जिन महिला के बारे में आज हम बात करने जा रहे हैं। उनका नाम शिवांगी गोयल है। जिनका बचपन से ही आईएएस बनने का सपना था। वह बड़े होकर अपना सपना सच करना चाहती थी। शादी से पहले उन्होंने दो बार यूपीएससी की परीक्षा भी दी। परंतु हम सब जानते है कि यूपीएससी की परीक्षा में पास होना बिलकुल भी आसान नहीं है। लोग अपनी सारी जिंदगी लगा देते है। फिर भी वह यूपीएससी की परीक्षा में पास नही हो पाते है। यूपीएससी की परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। शिवांगी ने दो बार यूपीएससी की परीक्षा दी जिसमे वह पास नही हो पाई। उसके बाद उनकी शादी हो गई। उन्होंने सोचा था कि शादी के बाद वह अपना प्रयास जारी रखेंगी। परंतु किस्मत को यह मंजूर न था।

Success Story Of IAS Officer Shivangi Goyal
आईएएस अधिकारी शिवांगी गोयल

ससुराल वालो से तंग आकर लिया तलाक…..

शिवांगी ने सोचा था कि शादी के बाद वह अपनी यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी को जारी रखेंगी। उनकी शादी एक दम अचानक से हुई थी जिसकी वजह से उन्हें सोचने समझने का ज्यादा समय नहीं मिल पाया था। शादी के बाद उनके ससुराल वाले उनसे दहेज की मांग करते थे। और उन्हे अपनी मर्जी का कुछ भी नही करने देते थे। फिर पढ़ाई और यूपीएससी की तो दूर की बात। इन्ही वजह से उनके ससुराल वाले उन पर हाथ भी उठाते थे। जैसा की हमने पढ़ा, ऐसे में कुछ महिला अपने हक के लिए लड़ती है। और ऐसी चीजों का विरोध करती है। परंतु कुछ लड़कियां ऐसा नहीं कर पाती हैं। शिवांगी उनका विरोध करने वालो में से थी। एक समय के बाद शिवांगी ने यह तय कर लिया था की अब वह इस शादी के बंधन से मुक्त होना चाहती है। और तलाक लेना चाहती है। उस समय उनके साथ उनकी 7 साल की बेटी भी थी।

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माता-पीता ने दिया हर कदम पर साथ…….

कई महिला अपने ससुराल वालो का विरोध अपने खुद के घर वालो के कारण नही कर पाती है। क्योंकि उनके खुद के घर वाले ही उनका साथ देने से मना कर देते है। वह शादी करने के बाद लड़की को पराया समझते है। और उनकी इज्जत रखने के लिए कहते है। जिसके कारण कई लड़कियों को अपनी सारी जिंदगी ससुराल वालो की हिंसा सहन करनी पड़ती है। परंतु शिवांगी के घर वाले ऐसे बिलकुल भी नहीं थे। शिवांगी ने जब तलाक लेकर अलग होने का फैसला लिया तो शिवांगी के माता पिता ने इसमें उनका पूरा साथ दिया। और यही ही नही बल्कि आगे अपनी यूपीएससी की पढ़ाई को पूरा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। जिसके कारण शिवांगी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ पाई।

मिली सफलता….

जहा एक तरफ़ शिवांगी अपने तलाक का केस लड़ रही थी वही दूसरी ओर वह अपने सपने को पूरा करने में जुट गई थी। उन्होंने एक बार फिर से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। और आखिर कर इतनी मेहनत के बाद साल 2021 में उन्हे सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली थी। वो कहते है न, मेहनत करने वालो की कभी हार नही होती। शिवांगी ने पूरा मन लगाकर पढ़ाई की दिन रात मेहनत की। और कई साल बाद यूपीएससी की परीक्षा क्लियर की। यूपीएससी की परीक्षा में पास होना आम बात नही है। यह तो हम सभी जानते हैं कि वह परीक्षा बहुत कठिन है। शिवांगी अपनी सफलता के पीछे का राज़ अपने माता-पिता और अपनी छोटी बेटी को बताती है। उनका कहना है की अगर आज वह यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पाई है तो वह सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार की वजह से कर पाई है।

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प्रेरणा…

शिवांगी जैसी महिला बहुत सारी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। कोर्ट में आज भी ऐसे बहुत केस दर्ज होते है, जिनमे लड़कियों पर ससुराल वाले अत्याचार करते है। जो लड़कियां अपने ससुराल वालो का विरोध नहीं कर पाती है। उन महिलाओ के लिए शिवांगी एक प्रेरणा साबित होती है और यही ही नही, जब एक महिला अपनी शादी के बंधन से मुक्त होती है तो समाज उसे छोड़ता नही है। समाज बहुत सी बाते बनाता है। और बहुत से ताने देकर उससे नीचा दिखाने की कोशिश करता हैं उन सबको भी शिवांगी ने पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। तभी वह अपना सपना पूरा कर पाई है। तो शिवांगी उन महिलाओ के लिए एक प्रेरणा साबित होती है। जो अपने ससुराल वालो का विरोध करने से डरती है। और अपनी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाती है।

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