Thursday, September 29, 2022

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दुनिया की वो जगह जहां पर चीजें ऊपर फेंकने के बाद नीचे नहीं गिरती बल्कि हवा में तैरती है: Hoover Dam

हम सभी ये जानते हैं कि कोई भी वस्तु अगर ऊपर फेंकी जाए तो उसका नीचे आना निश्चित है क्योंकि ये सब गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होता है। भले ही ये दुनिया प्रकृति की बनाई है और हर चीज प्रकृति के ऊपर ही निर्भर है। अगर हम आपसे ये कहें कि दुनिया में एक ऐसा स्थान है जहां प्रकृति के विरुद्ध एक कार्य होता है मतलब ये कि वहां गुरुत्वाकर्षण बल कार्य नहीं करता है। जी हां आपने सही सुना यहां कोई गुरुत्वाकर्षण बल कार्य नहीं करता एवं यहां अगर आप किसी चीज को ऊपर फेंकते हैं तो वो नीचे नहीं गिरता बल्कि हवा में उड़ता रहता है।

ग्रेविटी के नियम का नहीं होता कोई असर

यह स्थान अमेरिका में है। अमेरिका के हूवर डैम में ऐसा करनामा आपको देखने को मिल जाएगा। हूवर डैम अमेरिका के नेवादा और एरीजोना की सीमा पर स्थित है। इसकी बनावट के मुताबिक यहां ग्रेविटी का कोई असर नहीं होता है। यहां अगर कोई चीज़ आप ऊपर फेंकते हैं तो नीचे की तरफ नहीं आता बल्कि हवा में उड़ता हुआ दिखाई देगा। -There is a place in the world where the force of gravity does not work

Interesting fact about Hoover dam where gravity doesn't work

धनुष के आकृति की है बनावट

हूवर डैम का निर्माण धनुष की आकृति में हुई है जिस कारण यहां अगर कोई भी चीज ऊपर की तरफ उछाली जाए तो वह बांध की दीवार से टकराते हुए हवा में उड़ती हुई दिखाई देती है। जिस कारण आप इस डैम पर जाकर फिल्मी नजारा देख सकते हैं। आपको यह देखकर विश्वास नहीं होगा कि वाकई में रियल लाइफ में भी ऐसा होता है। -There is a place in the world where the force of gravity does not work

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डैम के निर्माण को हो चुके हैं 90 साल आज भी है सक्रिय

वैसे तो हूवर डैम के निर्माण को लगभग 90 साल बीत चुके हैं परन्तु ये आज भी चालू है। इसके निर्माण में हजारों श्रमिकों ने कार्य किया था। इसके निर्माण के वक्त ही लगभग सैकड़ों श्रमिक अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठे थे और उनकी मृत्यु हो गई थी। अगर हम इसके ऊंचाई और मोटाई की बात करें तो इस डैम की ऊंचाई 726 फिट एवं इसकी मोटाई 660 फीट है। जिस हिसाब से यह दो फुटबॉल के मैदान में के बराबर है।ये डैम 90 साल से निरंतर सक्रिय है जो अमेरिका के सबसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक इंस्टॉलेशन में से एक है। -There is a place in the world where the force of gravity does not work

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राष्ट्रपति के नाम पर रखा गया डैम का नाम

जानकारी के अनुसार 30 सितंबर 1935 को अमेरिकी राष्ट्रपति फ़्रैंकिलन डी. रूजवेल्ट ने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। इस डैम का नाम यहां के 31वें राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर के नाम पर ही रखा गया। ये डैम अपने नाम और बनावट के कारण बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है। -There is a place in the world where the force of gravity does not work

Khushboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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