Tuesday, October 4, 2022

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दृढ़ निश्चय हो तो आर्थिक तंगी नहीं बन सकती रुकावट, पिता स्कूल में चपरासी थे और बेटी बन गई आईपीएस

कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से किए हुए हर काम में हमें सफलता हासिल होती है। सुख सुविधाओं की कमी होने से किसी को सफलता ना मिले ऐसा जरूरी नहीं। अगर इंसान दृढ़ संकल्प करके अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर बढ़े तो फिर सफलता जरूर हासिल होगी।

पिता स्कूल में चपरासी और बेटी बन गई आईपीएस

डॉ विशाखा भदाणे के पिता नासिक के उमरा ने गांव में एक छोटे से स्कूल में चपरासी का काम करते थे। नासिक के रहने वाले इस परिवार में आर्थिक तंगी तो थी ही लेकिन वह चाहते थे कि उनके बच्चे पढ़ लिखकर बड़े अफसर बने। लेकिन आय कम होने के कारण पढ़ाई लिखाई का खर्चा ढंग से उठा पाना संभव नहीं था फिर भी उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा में कमी नहीं आने दिया। लेकिन विशाखा ने अपने पिता की आमदनी कम होने के बावजूद भी पढ़ाई की और अपने मेहनत से उन्होंने वर्ष 2018 में IPS बनकर लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनी। Dr. Vishakha Bhadane IPS success story

मां चलाती थी दुकान

घर में आर्थिक तंगी होने के कारण उनकी मां ने भी बच्चों की शिक्षा और बेहतर जीवन के लिए एक छोटी सी दुकान चलाने लगी। इस दुकान की मदद से विशाखा और उनके भाई बहनों का पढ़ाई का खर्च थोड़ा बहुत निकल जाता था। पुस्तकों के अभाव में विशाखा और उसके भाई-बहन स्कूल की लाइब्रेरी में जाकर किताब पढ़ा करते थे।

जिम्मेदारियों के साथ की पढ़ाई

विशाखा जब 19 वर्ष की थी तब उनकी मां का निधन हो गया। मां के निधन के बाद घर की जिम्मेदारियों का पूरा भोज विशाखा के कंधों पर था। वह पहले अपना घर का काम निपटा दी थी उसके बाद अपनी पढ़ाई करती थी। BAMS मैं दाखिला लेने के लिए विशाखा और उनके बड़े भाई ने प्रवेश परीक्षा दी और उसमें वह होते हुए। उनके पढ़ाई पूरी करने के लिए उनके पिताजी ने लोन ले लिया।

BAMS से पढ़ाई पूरी करने के बाद विशाखा ने UPSC परीक्षा का रूख किया। पहले प्रयास में सफलता मिलने के बाद भी उन्होंने दूसरी बार फिर से कोशिश की और सफलता हासिल की।

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