Wednesday, October 5, 2022

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आईटी कम्पनी की लाखों की नौकरी छोड़कर लौटे गांव और लोगों को रोजगार देने के लिए स्टार्टअप किया

आमतौर पर देखा जाए तो आज के दौर में हर युवा अच्छी पढ़ाई की डिग्री प्राप्त करने के बाद शहर जाना पसंद करता है ताकि वहां जाकर अच्छी जॉब प्राप्त कर सके लेकिन आज हम आपको दो ऐसे युवाओं की कहानी से रूबरू कराने वाले हैं, जिन्होंने शहर की चमक-धमक छोड़ गांव का रुख किया ताकि खुद के बदौलत स्टार्टअप की शुरुआत कर सकें और गांव के लोगों को रोजगार मुहैया कर सकें।

बता दें कि, खुद के स्टार्टअप की शुरुआत करने के लिए एक ने आईटी सेक्टर की लाखों रुपयों के पैकेज वाली नौकरी छोड़ दिया तो दूसरे ने अपनी पढ़ाई छोड़ दिया। आज के समय में दोनो ने मिलकर गांव में हीं मशरूम की खेती से जुड़ा हुआ एक स्टार्टअप की शुरुआत की है।

कौन है वो युवा?

हम बात कर रहे हैं कमल पांडे (Kamal Pandey) और नमिता टमटा (Namita Tamta) की, जो उत्तराखंड (Uttarakhand) के अल्मोड़ा के रहने वाले है। इन दोनो ने मिलकर गांव में हीं मशरूम की खेती से जुड़ी एक स्टार्टअप की शुरुआत कर किसानों तथा महिलाओं को रोजगार के देने के काम कर रहे है। अब तक इस स्टार्टअप में 300 लोग जुड़ चुके हैं।

कोरोना काल के दौरान की स्टार्टअप की शुरुआत

Kamal Panday And Namita Tamta Take Up Startup In The Name Of Agro Baba
कमल पांडे और नमिता टमटा

कमल पांडे और नमिता टमटा ने कोरोना काल के दौरान हीं अपने स्टार्टअप की शुरुआत की थी। इस स्टार्टअप का नाम उन्होंने “एग्रो बाबा” रखा हुआ है। आज के समय में दोनो ने देश में स्टार्टअप के जरिए अपनी एक अलग पहचान बना ली है।

मिले कई पुरस्कार

कमल पांडे और नमिता टमटा को अब तक इस स्टार्टअप के लिए कई बार पुरस्कार मिल चुके हैं। दोनो उत्तराखंड चैलेंज के लिए भी पुरस्कार पा चुके है। अब इस काम में उन्होंने देश में पहचान बनाने के बाद विदेशों में भी अपनी पहचान बनाना शुरू कर दिया है। बता दें कि, ओमान में इंटरनेशनल प्रोजेक्ट के लिए कमल को मशरूम कल्टीवेशन कंसल्टेंट के रूप में भी बुलाया गया है।

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शुरुआत में लोगों ने फैसले को बताया था गलत

दिल्ली के एक आईटी कंपनी में कमल पिछले 10 सालों से सीनियर पद पर थे लेकिन कोरोना काल के दौरान उन्होंने देखा कि गांव के मजदूर नौकरी नहीं मिलने के कारण काफी परेशान हैं तो उन्होंने उनके लिए कुछ करने का मन बनाया और इसलिए गांव में हीं खुद की स्टार्टअप शुरू करने के फैसला लिया ताकि मजदूरों को गांव में हीं रोजगार मुहैया कराया जा सकें। हालांकि उनके इस फैसले को घर वालों ने तथा कुछ दोस्तों ने गलत बताया। कोई नहीं चाहता था कि वे एक मल्टी नेशनल कंपनी को छोड़कर गांव में स्टार्टअप शुरू करें। लेकिन सबके फैसले के खिलाफ जाकर कमल ने अपने स्टार्टअप को शुरू किया।

वहीं गांव में हीं ग्रेजुएशन कर रही नमिता ने उनके इस फैसले में उनका साथ दिया। दोनो ने मिलकर स्टार्टअप शुरू कर गांव में किसानों तथा महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं।

Kamal Panday And Namita Tamta Take Up Startup In The Name Of Agro Baba
एग्रो बाबा के नाम से स्टार्टअप की शुरूआत की

कई तरह मशरूम कराते हैं उपलब्ध

दोनों अपनी मशरूम की खेती से जुड़े स्टार्टअप में कई तरह के मशरूम की खेती कर मशरूम उपलब्ध करते हैं। इन मशरूमों में सबसे ज्यादा मेडिसिनल मशरूम की मांग है क्योंकि यह एक ऐसा मशरूम है जो बहुत कम जगहों पर ही मिलता है। और यही कारण है कि इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। इसके बाद भी कमल और नमिता के स्टार्टअप में मशरूम अच्छे दामों में उपलब्ध करवाया जाता है।

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मशरूम से बनाते हैं कई प्रकार के प्रोडक्ट

इनके स्टार्टअप में मशरूम से बने कई प्रकार के प्रोडक्ट उपलब्ध कराए जाते है। जिसमे मशरूम की चाय, मशरूम का मसाला तथा मशरूम अचार भी शामिल है। इन प्रोडक्ट्स को वे मार्केट के तुलना में लोगों को अच्छे दामों में उपलब्ध कराते हैं।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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