Tuesday, October 4, 2022

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टूटे हुए मोबाइल से सीखी कोडिंग, बनाए 3 ऐप्स, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुआ नाम

“प्रतिभा प्रदर्शन की कोई उम्र नहीं होती या यूं कहें कि काबिलियत कोई उम्र का मोहताज नहीं होती”

देश में ऐसे कई लोग हैं जो कम उम्र में हीं उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए सफलता का बड़ा मुकाम हासिल किया। समय के इस बदलते दौर में निरन्तर विकसित होते विज्ञान ने कई क्षेत्रों की संभावनाओं को बढ़ा दिया है और उसमें बच्चे से लेकर बड़े लोग भी अपनी काबिलियत अनुसार कार्य कर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उसी कङी में आज बात मात्र 12 वर्ष के एक बच्चे कार्तिक जाखङ (Kartik Jakhad) की जिसने कोडिंग के क्षेत्र में सफलता हासिल करके अपने से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रेरणा कायम किया है।

कार्तिक जाखङ

कार्तिक जाखङ (Kartik Jakhad) हरियाणा (Haryana) के झज्जर (Jhajjar) के निवासी हैं और उन्होंने अपनी पढ़ाई, मेहनत और अपने हुनर के बल पर तीन शानदार ऐप्स का निर्माण किया है। इन ऐप्स के निर्माण के पीछे की उनकी दास्तां बेहद भावनात्मक है जिसे जानकर कोई भी प्रेरित हो जाएगा।

इस तरह ऐप निर्माण का आया आईडिया

कार्तिक के पिता पेशे से एक किसान हैं और खेती करके हीं पूरे परिवार की आजीविका चलाते हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि उनकी आर्थिक स्थिति क्या होगी। कार्तिक के पिता ने अपने बच्चों की पढ़ाई को अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति से रूकने नहीं दिया। कोरोना महामारी के दौरान जब सारे स्कूल बन्द हो गए तो वैसे में मोबाइल से ऑनलाइन क्लासेज चलने लगीं। ऐसे में कार्तिक के पिता ने भी एक मोबाइल खरीद दिया। इसके बाद कार्तिक ऑनलाइन क्लास करते और फिर यहीं से उन्हें यूट्यूब, कोडिंग आदि के बारे में जाना।

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कठिन परिस्थितियों से किया दो-दो हाथ

कार्तिक (Kartik) ने Youtube से हीं Coding और App बनाने की सारी प्रक्रिया सीखी। हालांकि इस दौरान में उनका मोबाइल काफी हैंग होता था। उनके घर में टेबल और कुर्सी भी नहीं थे व 24 घंटे बिजली नहीं रहने से उन्हें पढ़ने में काफी मुश्किल होती थी। इन सारे मुश्किलतों से जूझते हुए कार्तिक ने अपना कार्य और पढ़ाई जारी रखी। वे अपनी पढ़ाई में कमजोर आर्थिक स्थिति को आङे नहीं आने दिया। उन्होंने यूट्यूब से सीखकर तीन ऐप्स का निर्माण किया।

कार्तिक द्वारा बनाए गए तीन ऐप्स

कार्तिक के द्वारा बनाए गए ऐप्स बेहद हीं कामगार है और उसकी मदद भी ली जा रही है। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार तो उनके लर्निंग ऐप से लगभग 45000 बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। उनके पहले ऐप का नाम Lucent Online GK है। उनका दूसरा ऐप कोडिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़ा है तथा उनका तीसरा ऐप डिजिटल शिक्षा से जुड़ा है जिसका नाम उन्होंने श्री राम कार्तिक डिजिटल एजुकेशन रखा है। इस ऐप से हजारों गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जा रही है।

मिल चुके हैं कई पुरस्कार

कार्तिक ने कम उम्र में अपनी काबिलियत से जिस तरीके से तीन ऐप्स का निर्माण किया है वह तो प्रेरणादायक है हीं साथ हीं उनके इन ऐप्स से बच्चों को बहुत लाभ मिल रहा है जो और भी बङी बात है। कार्तिक बचपन से हीं होनहार हैं। जब वे 8वीं कक्षा में पढ़ रहे थे तब हीं उन्हें कई अवार्ड मिल चुके थे। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में भी सफलता पाई और उन्हें वहां स्कॉलरशिप मिली, जिसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए कार्तिक हार्वर्ड विश्वविद्यालय चले गए हैं। वे वहां कम्प्यूटर साइंस में B.Sc कर रहे हैं। महज 12 वर्ष की उम्र में तीन बेहतरीन ऐप्स बनाने के बाद उनका नाम Guinness Book of World में दर्ज हो चुका है।

Vinayak Suman
Vinayak is a true sense of humanity. Hailing from Bihar , he did his education from government institution. He loves to work on community issues like education and environment. He looks 'Stories' as source of enlightened and energy. Through his positive writings , he is bringing stories of all super heroes who are changing society.

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