Wednesday, October 5, 2022

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150 साल तक जीते हैं इस समुदाय के लोग, 70 वर्ष तक दिखते हैं जवान, जान लीजिए इसका राज

हमलोगों ने एक बात को गौर किया होगा कि आजकल के समय के लोग पहले के लोगों की अपेक्षा बहुत ज्यादा बिमारी के शिकार होते हैं तथा उनकी औसत आयु कम होती जा रही है। इन सभी बातों पर अगर हम गौर करे तो हम पाएंगे की अनियमित दिनचर्या तथा गलत खान-पान की वजह से ऐसी परेशानियों का हमें सामना करना पड़ता है।

आज जहां लोगों की जिंदगी की औसत उम्र 60 वर्ष की मानी जाती है दूसरी ओर हम आज बात करेंगे एक ऐसे समुदाय के बारे में, जो कि आज के समय में भी 150 सालों तक जिंदा रहने का रिकॉर्ड बनाए हुए हैं।

तो आईए जानते हैं उस खास समुदाय तथा उनके स्वास्थ्य तथा लम्बी आयु से जुड़ी सभी जानकारियां :-

कौन सा है वह समुदाय?

हम बात कर रहे हैं हुन्जा समुदाय के बारे में, जो कि मूल रुप से उत्तरी पाकिस्तान के रहने वाले होते हैं। ये लोग मुस्लिम समुदाय को मानते हैं। पाकिस्तान के अन्य समुदायों के अपेक्षा ये लोग ज्यादा शिक्षित होते हैं। एक अच्छी दिनचर्या हीं इस खास समुदाय के लंबी आयु का कारण बना हुआ है।

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क्या है लंबी आयु का राज

हुन्जा समुदाय के लोगों की लंबी आयु का राज उनका सही दिनचर्या तथा खान-पान है। ये लोग सुबह पांच बजे के पहले उठ जाते हैं। खास बात यह है कि वहाँ के लोग आज के आधुनिक समय में भी साइकिल या गाड़ियों का इस्तेमाल बहुत कम ही करते हैं और पैदल हीं ज्यादा चलते हैं।

People of Huza community live up to 150 years
हूजा समुदाय के लोग 150 साल तक रहते हैं जीवित

60 साल के उम्र में भी जवान हीं दिखते हैं

हुन्जा समुदाय के लोगों में एक खास बात यह है कि ये लोग 60 साल के उम्र में भी एकदम नवयुवा की तरह हीं दिखते हैं। इस समुदाय की औरतें 60 से 90 साल के उम्र तक भी बिना किसी बाहरी ईलाज के बच्चे पैदा करती है, जो कि एक बहुत हीं अद्भुत है।

इन लोगों का खानपान

अगर हम उस खास समुदाय के लोगों के खानपान के बारे में बात करे तो ये लोग आमतौर पर जौ, बाजरा, कुट्टू और गेहूं का आटा का इस्तेमाल हीं अपने खानपान में ज्यादतर करते हैं। इन तरह के खानपान हीं इन लोगों को मजबूत बनाने में काफी मदद करता है।

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खाने में मिलावटी चीजों को नहीं करते शामिल

ये लोग मांस का सेवन बहुत कम ही करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यहां के लोग दिन में सिर्फ दो बार ही खाना खाते हैं। पहली खाना दोपहर में 12 बजे और दूसरी बार रात को 8-9 बजे के करीब में। इनका खाना भी पूरी तरह नेचुरल हीं होता है, मतलब कि उनकी सब्जियों, दूध, फल, मक्खन आदि में किसी तरह की मिलावट नहीं होती है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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