Wednesday, October 5, 2022

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ईको-फ्रेंडली घर: बेंगलुरु के इस शख्स ने बनाया मिट्टी का घर, नहीं पड़ती AC की जरूरत

जैसे–जैसे गर्मी का मौसम आने लगता है लोगो के लिए तकलीफ बड़ने लगती हैं क्युकी, गर्मी के मौसम में लोगो के लिए बाहर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है क्युकी बाहर धूप होने के कारण पूरा शरीर गर्मी से तपने लगता। जिसको राहत देने के लिए हम लोग कूलर, Ac (Air conditioner) का इस्तेमाल कर गर्मी से राहत महसूस करते है और हर किसी लोगो के लिए ac का बिल भरना आसान बात नही जिसके डर से लोग ac नही लगवाते।

ऐसे ही बिल से बचने के लिए लोग को प्राकृतिक हवा काफी सुहानी लगने लगी है जिसके लिए लोग नए नए तरीके आजमा कर अपने घर को ठंडा रखने का कार्य कर रहे है और जिसके लिए लोग इको फ्रैंडली घर का निर्माण करने में लगे है जिसे वो ac जैसी राहत पाकर खुद को गर्मी से बचा सके।

आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति की कहानी बताएंगे। जिसने इको फ्रेंडली घर का निर्माण किया।

जानते हैं इस व्यक्ति के बारे में….

हम बात कर रहे है मणिकंदन (Manikandan Satyabalan), जो बेंगलुरु (Bengaluru) के निवासी है। इन्होंने एक ऐसे घर का निर्माण किया जिसमें कूलर या ac की आवश्यकता नही होती। यह बिना ac और कूलर के ठंडा रहता है। मणिकंदन एक विजुअल इफेक्ट प्रोड्यूसर है जिनके परिवार की बात करे तो इनकी एक पत्नी जिसका नाम इंदुमती है और जो पेशे से शिक्षक है।

आपको बता दे, की मणिकंदन जो अपनी दादी से काफी प्रेम करते थे लेकिन, इन्होंने कभी अपनी दादी को नही देखा क्युकी काम उम्र में इनकी दादी की मृत्यु हो गई थी जिसकी वजह से इन्हे दादी का प्यार नही मिला और अपने पिता जी से अपनी दादी की कहानियां सुन इनके मन में अपनी दादी के लिए काफी स्नेह और लगाव है इनके पिता जो हमेशा से ये चाहते थे की इनके माता के पुराने घर को नए तरीके से निर्माण कर उसी घर में अपनी आगे की जिंदगी व्यतीत करे।

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पूरा किया अपने पिता का सपना…

माता–पिता जो अपने सपनो को कुर्बान कर अपने बच्चो के हर सपनो को पूरा करते हैं ठीक इसी तरह हर बच्चे का भी फर्ज बनता की अपने माता–पिता के सपनो को वो पूरा करे। कुछ ऐसा ही एक सपना मणिकंदन के पिता ने भी देखा था जैसे की हम आपको बताया की उनका सपना था की उनके माता के घर को नए तरीके से निर्माण किया जाए, और इस सपनो को पूरा करने के लिए मणिकंदन दादी घर गए जो तमिलनाडु में है। वहा जाकर उन्होंने उस घर को इको फ्रेंडली तरीके से निर्माण किया और उसका नाम “Valliyammai Meadows” रखा।

किस तरह से बना गया घर (Eco friendly)….

घर को बनाने के लिए हमे सबसे पहले उसकी नींव को मजबूत करना पड़ता है क्युकी नींव मजबूत होगी तभी घर सही तरह से खड़ा हो पाएगा, इन्ही चीज का ध्यान रखते हुए उन्हें घर का निर्माण काफी अच्छे तरीके से किया उन्होंने इस घर में कम से कम ईट और सीमेंट का इस्तेमाल किया क्युकी इनका ज्यादा इस्तेमाल करने से घर का तापमान ज्यादा होने लगता है। जिससे गर्मी होने लगती है

Manikandan Satyabalan Made Eco-Friendly Farm House Named Valliyammai Meadows
मणिकंदन इको फ्रेंडली घर (बेंगलुरु )

हर बेटा चाहेगा की उसके पिता द्वारा देखा हुआ सपना सच हो और इसी सपने को सच करने में उनकी पत्नी ने भी उनका पूरा साथ दिया, लेकिन उनको दिक्कत तो तब हुई जब घर को बनाने में उन्हे ज्यादा जानकारी नहीं थी जिसका हल निकालने के लिए उन्होंने अपने मित्र से सहयता ली जो पेशे से आर्किटेक्ट है जिसने घर का नक्शा बनवाया और उसे तरीके से घर का निर्माण किया गया।

आपको यह भी बता दे, की मणिकंदन जो एक इको फ्रेंडली घर बनाना चाहते थे जिसके लिए वो घर बनवाने में प्रयोग होने वाले चीजे भी इको फ्रेंडली रखना चाहते थे जिससे सोच कर उन्होंने सीमेंट और ईट की बजाए छत का निर्माण मिट्टी द्वारा किया, क्युकी मिट्टी के इस्तेमाल से अंदर का तापमान गर्म होने की बजाय ठंडा रहे।

घर में नहीं है जरूरत ac और कूलर की…

आज कल के लोग जो ac, कूलर के बिना कही रहना पसन्द नही करते। क्युकी इतनी तेज धूप होने की वजह से लोग कूलर, ac के आगे से उठना पसंद नही करते जिसे लेकर उनको इस चीज को आदत हो चुकी है। लेकिन मणिकंदन ने वातावरण को ध्यान में रखते हुए इको फ्रेंडली घर का निर्माण किया जिसमे ना तो ac की जरूरत है, न ही कूलर की क्युकी इनके द्वारा बनाए गए घर का तापमान बाहर के तापमान से काफी ठंडा जो पूरे घर को ठंडा रख गर्मी से राहत दिलाता हैं ।

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इनके द्वारा बनाए गए घर में ऐसी लकड़ियों का इस्तेमाल किया गया जो घर के तापमान को ठंडा रखने में काफी सहयता करती है और प्रकृति को देखते हुए उन्होंने अपने घर के आस पास 40 पेड़ पौधे लगवाए और घर के बाहर बिलकुल हरियाली ही हरियाली जिसमे खेत भी है और उन्ही खेतो पर उनके पिता और वे कालीमिर्च और लौंग की खेती कर पर्यावरण का खूब ध्यान रखते है।

बारिश के पानी के लिए बनवाया टैंक…..

मणिकंदन ने अपने पिता का सपना पूरा किया और उनको ऐसा घर बनवा के दिया जिसमे बाहर के तापमान से अंदर का तापमान काफी ठंडा है जिस घर मान उनके पिता और माता दोनो रहते है, घर इको फ्रेंडली है तो उनके द्वारा बनवाई गई सारी चीज इको फ्रेंडली ही होगी उन्होंने अपने खेत में पानी के लिए बरसात में आया पानी के लिए टैंक बनवाया जो इस टैंक में इकठ्ठा होता है जिसका इस्तेमाल बाद में किया जा सकता और पानी की वेस्टेज से बचा जा सकता है

प्रेरणा…

मणिकंदन द्वारा बनाया गया घर जो बिल्कुल इको फ्रेंडली जिसमे उन्होंने ऐसी चीज का इस्तेमाल किया जो पर्यावरण के लिए बिलकुल नुकसान दायक नही और जिस घर में न तो ac, कूलर की आवश्यकता पड़ती और न ही तापमान गर्म होता है अगर हर कोई मणिकंदन से प्रेरित होकर ऐसे घर का निर्माण करे तो पर्यावरण को काफी नुकसान से बचाया जा सकता हैं।

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