Tuesday, October 4, 2022

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सरकारी नौकरी छोड़कर शुरू की ऑर्गेनिक खेती, अब अपने खेत से लाखों कमा रही नबनीता

आज के आधुनिक युग में जहां एक तरफ लोग खेती करना नहीं चाहते उन्हीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो नौकरी छोड़कर आधुनिक खेती को अपना रहे हैं। आज हम बात करेंगे, एक ऐसी ही महिला की जिन्होंने सरकारी नर्स की नौकरी छोड़कर ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत की तथा आज के समय में लोगों ले लिए प्रेरणा बनीं हुई हैंं।

कौन है वह महिला?

हम नर्स नबनीता दास (Nurse Nabanita Das) की बात कर रहे हैं, जो असम (Assam) के जोरहाट जिले की रहने वाली हैं। बता दें कि वे बहुत ही ऊर्जावान और प्रगतिशील महिला हैं। उन्होंने सहायक नर्स के रूप में प्रशिक्षण लने के बाद नर्स के रुप में कुछ दिनों तक काम किया।

आखिर कैसे आया ख्याल?

नर्स रहते अस्पताल से आने-जाने के क्रम में सड़क के दोनों ओर हरियाली देख उनका मन खेती की ओर आकर्षित होता था, इसी कारण उन्होंने (Nurse Nabanita Das) वर्ष 2010 में सरकारी अस्पताल से नर्सिंग की नौकरी छोड़कर जैविक खेती की शुरुआत की। आज के समय में वे एक प्रतिष्ठित प्रगतिशील किसान हैं और एक ऑर्गेनिक फार्म की मालिक भी हैं।

एक छोटा कृषि केंद्र भी बनायी

आज के समय में ऑर्गेनिक फर्मींग करने वाली महिला किसान नबनीता दास (Nurse Nabanita Das) का खेत एक छोटा कृषि केंद्र बन चुका है। उनके खेतों में पारंपरिक फसलों के साथ हीं साथ तरह-तरह के फूल भी उगाए जाते हैं। जैसे धान, फल, सब्जी, दलहन और तिलहन की फसलों की खेती हो रही है।

मछली पालन और मुर्गी पालन दोनों का किया शुरुआत

वर्ष 2010 में सरकारी अस्पताल से नर्सिंग की नौकरी छोड़कर नबनीता दास ने जैविक खेती की शुरुआत की तथा वर्ष 2014 में उन्होंने खेती-किसानी को लेकर पहला औपचारिक प्रशिक्षण लिया, जो असम के कृषि विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ हीं साथ मछली पालन और पशुपालन करना भी शुरू कर दिया तथा उन्हें इस काम में भी आपार सफलता हासिल हुई।

महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

सरकारी नौकरी छोड़कर अपने सकारात्मक प्रयासों के बदौलत ऑर्गेनिक फार्मिंग तथा मछली पालन और मुर्गी पालन में सफल होने वाली महिला किसान नबनीता दास (Nurse Nabanita Das) लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

आज के समय में जहाँ कोई किसानी करना नहीं चाहता तथा लोगों को सरकारी नौकरी नहीं मिल रही है। इस समय में भी उन्होंने अपने आप पर कामयाबी का भरोसा रखते हुए सरकारी नौकरी छोड़ दी तथा ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरु की। आज के समय में अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल करने वाली नर्स नबनीता दास महिलाओं के लिए प्रेरणा की स्रोत बनी हुई हैं।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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