Thursday, September 29, 2022

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उङीसा की एक महिला ने पेश की मिसाल, अपनी सारी सम्पत्ति कर दी एक रिक्शे वाले के नाम: क्या रही वजह

एक ओर जहां लोग ज़मीन जायदाद के लिए अपनी पूरी ज़िंदगी खर्च कर देते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपनी सारी संपत्ति अपने यहां काम करने वाले लोगों के नाम कर मिसाल कायम करते हैं। यह कहानी उड़ीसा की रहने वाली एक ऐसी हीं महिला की है।

उड़ीसा (Odisha) के कटक जिले के सुताहत इलाके की रहने वाली मिनती पटनायक (Minati Patnayak) 63 साल की है। उम्र के इस पड़ाव पर वह बेहद अकेली हैं। बुधा समल (Budha Samal) नाम का एक रिक्शा चालक अपने परिवार के साथ बीते 25 सालों से मिनती जी के यहां काम करता और उन लोगों की देख-रेख करता है।

रिश्तेदारों के मना करने के बावजूद लिया यह फैसला

पिछले साल मिनती जी के पति की किडनी फेल होने से मौत हो गई थी और इस साल उनकी इकलौती बेटी का कार्डियक अरेस्ट की वजह से स्वर्गवास हो गया। बुढ़ापे की दहलीज पर वह बिल्कुल अकेली पड़ गई हैं। हालांकि मिनती पटनायक की दो बहनें हैं जो बुधा को संपत्ति का मालिक बनने के फैसले के विरोध में हैं। इस संदर्भ में मिनती का कहना है कि उनके परिवार और रिश्तेदारों के पास संपत्ति की कोई कमी नहीं है। वह शुरू से अपनी संपत्ति किसी गरीब को देना चाहती थीं।

Odisha woman gave her whole property to a rickshaw Puller

जब रिश्तेदारों ने मुंह मोड़ा, बुधा और उसके परिवार ने साथ निभाया

इंडिया टुडे से बात करते हुए मिनती जी कहती हैं, “मेरे पति और बेटी की मौत के बाद मैं एकदम बिखर गई थी. जब मेरे ऊपर दुखों का पहाड़ टूटा, उस वक्त मेरे किसी भी रिश्तेदार ने मेरी मदद नहीं की। मैं बिल्कुल अकेली थी लेकिन, ये रिक्शाचालक और इसका परिवार उस वक्त भी मेरे साथ बिना किसी उम्मीद के खड़ा रहा। इन्होंने मेरे स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा। मैंने कानून कार्रवाई के जरिए अपनी सारी संपत्ति बुधा और उसके परिवार को देने का फैसला किया है, ताकि मेरे मरने के बाद इन्हें कोई रिश्तेदार परेशान ना करे।”

Odisha woman gave her whole property to a rickshaw Puller

बुधा का परिवार मिनती को मां कहकर संबोधित करता है

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार बुधा के परिवार में सात लोग हैं; उसके बूढ़े मां-बाप, पत्नी, दो बेटे और एक बेटी। ये सभी मिनती को ‘मां’ का दर्जा देते हैं। जब इन्हें मिनती जी के फैसले के बारे में पता चला, इनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। इंडिया टुडे के संवाददाता से बात करते वक्त बुधा समल कहते हैं, “जब मां ने मुझे अपने फैसले के बारे में बताया, मैं बिल्कुल अचंभित रह गया। मैंने दो दशकों से ज्यादा मां के परिवार के लिए काम किया है, और जब तक सांस चलेगी तब तक मैं मां की सेवा करता रहूंगा। मां के इस फैसले से मेरे परिवार की जिंदगी बदल जाएगी। अब मैं अपने पूरे परिवार के साथ एक छत के नीचे रह सकता हूं। मां के इस फैसले से मैं बेहद खुश हूं।”

Odisha woman gave her whole property to a rickshaw Puller

बुधा के व्यवहार ने उसे करोड़पति बनाया

मिनती जी ने बुधा समल (Budha Samal) को अपनी 1 करोड़ की संपत्ति का मालिक बना दिया है। इस संपत्ति में तीन मंजिला घर, गहने और कुछ नकद शामिल है। मिनती जी का कहना है कि बुधा का परिवार उदार प्रकृति का है। उसके सेवा भाव के कारण ही इन्होंने अपनी सारी संपत्ति उसके नाम की है।

एक ज़रूरतमंद को अपनी सारी संपत्ति देने के लिए हम मिनती पटनायक (Minati Patnayak) के कदम की सराहना करते हैं।

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