Thursday, September 29, 2022

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नोएडा के इस इंजीनियर ने तालाबों को साफ करने के लिए छोड़ी अपनी नौकरी, हुआ ‘पॉन्डमैन’ नाम से मशहूर

ज्यादातर लोग इंजीनियरिंग की डिग्री इसलिए हासिल करते हैं ताकि वे बड़ी कंपनियों में अच्छी नौकरी कर सके और ढेर सारा पैसा कमा सकें।श लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो इंजीनियर बनने के बाद भी बड़ी-बड़ी कंपनियों की अच्छी नौकरी केवल इसलिए छोड़ देते हैं, ताकि अपने देश को स्वच्छ बना सकें।

आज जानेंगे एक ऐसे युवक की कहानी

ऐसे ही युवाओं में से एक युवा की कहानी आज हम आपको बताने वालें है, जिन्होंने एक इंजीनियर होते हुए भी जल-संरक्षण अभियान हेतू बड़ी कंपनी की नौकरी छोड़ दी और अब तक 30 से अधिक तालाबों की सफाई कर चुकें है।

कौन है वह शख्स?

हम जिस शख्स की बात कर रहे है, उनका नाम रामवीर तंवर (Ramveer Tanwar) है, जो यूपी (Uttar Pradesh) के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के डाढ़ा-डाबरा गांव के रहने वाले हैं। किसान परिवार में जन्में रामवीर ने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ गंदे तालाबों की सफाई करना सही समझा और अब तक 30 से भी ज्यादा गंदे तालाबों की सफाई कर चुके हैं। इसी वजह से आज वें पॉन्डमैन के नाम से मशहूर हैं।

इंजीनियरिंग कराने के लिए पिता ने बेंचे जमीन

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वालें रामवीर तंवर (Ramveer Tanwar) का बचपन बेहद ही आर्थिक अभावों में गुजरा। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव में ही पूरी की। पढ़ाई में होशियार होने के वजह से उनके पिता ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी के बाद उनका दाखिला ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज में कराया। हालांकि उनके पिता के पास इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला कराने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी। रामवीर (Ramveer Tanwar) ने वर्ष 2014 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

गांव के तालाब सूखने से आया जल-संरक्षण अभियान शुरू करने का सुविचार

रामवीर (Ramveer Tanwar) ने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री तो हासिल कर ली और एक बड़ी कंपनी में अच्छी नौकरी भी मिल गई लेकिन उनको अपने गांव से बहुत लगाव था, जिसके कारण वें गांव से दूर नहीं हो पाएं। गांव में रहने के दौरान ही उनके गांव का तालाब सूखने लगा। इस तालाब से रामवीर की बचपन की यादें जुड़ी हुई थी। इसलिए इस तालाब की ऐसी दुर्दशा उनसे देखा नहीं गया और उसकी सफाई में जुट गए।

फिर क्या था, उनके (Ramveer Tanwar) दिमाग मे बहुत से प्रश्न आने लगे। उनको लगने लगा कि, जैसे मेरे गांव में तालाब की इतनी खराब दुर्दशा हुई है, वैसे न जाने देश के कई गांवों के तालाबों की दुर्दशा होगी। उसके बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और जल-संरक्षण अभियान की शुरुआत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी किया तारीफ

सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपने प्रोग्राम ‘मन की बात’ में इस पर्यावरण प्रेमी इंजीनियर की तारीफ कर चुकें हैं। अब तक इन्होंने (Ramveer Tanwar) 30 से ज्यादा तालाबों की रक्षा की है। पूरे इलाकें में इन्हें पॉन्डमैन के नाम से जाना जाता है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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