Tuesday, October 4, 2022

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कभी होटलों में धोना पड़ा था जूठे बर्तन, आज डोसा किंग बनकर पूरी दुनिया में कर रहे हैं व्यापार

कहते हैं मेहनत करने वाले को सफलता जरूर मिलती है। जी हां, कुछ लोग अपनी मेहनत और कभी हार ना मानने के संकल्प से अपने किस्मत को ही बदल देते हैं। जिंदगी में सफल तो कई व्यक्ति होते हैं, परंतु कुछ लोग विपरीत परिस्थिति में केवल अपने प्रयास से सफलता का नया इतिहास रच देते हैं और ऐसे ही लोग आगे चलकर नई पीढ़ी के लिए एक उदाहरण पेश करते हैं।

दुनिया भर में ऐसे कई व्यक्ति हैं, जिन्होंने केवल अपनी कड़ी मेहनत के दम पर ना केवल अपने सपने को पूरा किया है बल्कि लोगों के लिए प्रेरणा भी बने हैं। आज हम एक ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बात करेंगे जिसने विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए एक छोटे से कारोबार की शुरुआत की और अब वे भारत के ‘डोसा किंग’ के नाम से जाना जाते हैं। – Prem Ganapathi from Tamil Nadu, started a small business with his hard work, today he has 70 outlets all over the world.

पैसे की कमी के वजह से छोड़नी पड़ी पढ़ाई

दरअसल आज हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्य के तूतीकोरिन जिले के नागलपुरम के रहने वाले हैं प्रेम गणपति (Prem Ganapathi) की। सन् 1973 में प्रेम का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। प्रेम अपने सातों भाई-बहनों के साथ एक ही घर में रहते थे। परिस्थिति इतनी खराब थी कि किसी तरह पेट भर पाना भी मुश्किल होता था। ऐसे में पढ़ाई के लिए पैसे का कोई इंतजाम नहीं था। यही वजह है कि प्रेम दसवीं की परीक्षा देने के बाद आगे नहीं पढ़ पाए और परिवार को सहारा देने के लिए वह बेहद ही कम उम्र से काम की तलाश में लग गए।

Prem Ganpati Dosa King Started Dosa Plaza

काम की तलाश में पहुंचे मुंबई

प्रेम अपने सफर की शुरुआत छोटे-मोटे काम से किए, जिसमें वह केवल 250 रुपए ही कमा पाते थे। कुछ समय तक इसी तरह दिन-रात मेहनत करने के दौरान उनके एक परिचित ने मुंबई में उन्हें काम का ऑफर दिया, जिसमें सैलरी 1200 रुपए बताई गई थी। यह रकम प्रेम की कल्पना से कहीं ज्यादा थी। यही वजह थी कि वह मुंबई जानें के लिए तैयार हो गए। उन्हें पता था कि उनके माता-पिता उन्हें मुंबई नहीं जाने देंगे इसलिए वह बिना घर में बताएं मुंबई चले गए। हालांकि किस्मत में इस बार भी प्रेम का साथ नहीं दिया और जिस परिचित ने साथ वह मुंबई गए थे, उसने उन्हें ठग लिया। उस व्यक्ति ने प्रेम के 200 रुपए चुरा लिए और उन्हें मुंबई जैसे शहर में अकेला छोड़ दिया।

2 साल तक प्रेम कई होटलों में काम किए

इतने बड़े धोखे से कोई भी व्यक्ति कुछ पल के लिए तो जरूर सहम जाता, परंतु प्रेम अपनी विपरीत परिस्थिति का सामना करते हुए घर वापस ना लौट कर वहीं कुछ करने का फैसला किया। प्रेम को माहीम की एक बेकरी में 150 रुपए में बर्तन धोने का काम मिल गया। इस दौरान वह पूरे दिन बेकरी में काम करते और रात में बेकरी में ही सोते थे, जिससे प्रेम को रहने की जगह श मिल गई। प्रेम इसी तरह 2 साल तक कार्य करते रहे। इस दौरान उन्होंने कड़ी मेहनत की और कई होटलों में काम किया। काम करने के दौरान प्रेम का लक्ष्य केवल ज्यादा से ज्यादा काम करना और पैसे बचाना था। – Prem Ganapathi from Tamil Nadu, started a small business with his hard work, today he has 70 outlets all over the world.

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प्रेम ने शुरु किया अपना व्यवसाय

कई सालों तक कड़ी मेहनत करने के बाद अपने जुटाए गए पैसे से सन् 1992 में प्रेम ने खुद व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। इस दिशा में कार्य करते हुए उन्होंने वाशी रेलवे स्टेशन के सामने इडली-डोसा बेचना शुरु किया। इसके लिए प्रेम ने 150 रुपए महीने पर एक ठेला किराए पर लिया और 1 हजार रुपए में बर्तन, चूल्हा और अन्य सामान खरीदे। जल्द ही उनका यह बिजनेस अच्छा चलने लगा। कस्टमर के बढ़ने पर प्रेम गांव से अपने दो और भाइयों (मुरुगन और परमशिवन) को भी मुंबई बुला लिया।

एक महीने में हुआ 20 हजार रुपए का लाभ

बहुत ही जल्द प्रेम द्वारा बनाई गई इडली और डोसा लोगों का पसंदीदा बन गया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी उनके खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई इस पर प्रेम खास जोड़ दिया करते थे। रिर्पोट के अनुसार प्रेम काम के दौरान हमेशा टोपी पहना करते थे, ताकि बाल खाने में न गिरे। कुछ इस प्रकार लोगों ने उनके खाने को पसंद किया कि एक महीने में उनका प्रॉफिट 20 हजार रुपए तक पहुंचा गया। कस्टमर के भीङ को देखते हुए प्रेम ने वाशी में ही एक जगह किराए पर दुकान ले ली।

Prem Ganpati Dosa King Started Dosa Plaza (3)

सागर डोसा प्लाजा से हुई शुरुआत

रिर्पोट के अनुसार प्रेम के ठेले को कई बार म्युनिसिपल अथॉरिटी द्वारा सीज कर लिया गया था क्योंकि उनके पास ट्रेड लाइसेंस नहीं था। एसे में प्रेम को अपना ठेला छुड़ाने के लिए कई बार जुर्माना भी भरना पड़ता था। इसी से परेशान होकर प्रेम ने अपना खुद का रेस्तरां खोला। उसके बाद प्रेम ने 1997 में वाशी में 50 हजार डिपॉजिट और 5 हजार महीने के किराए पर एक रेस्तरा खोल दिया, जिसका नाम प्रेम सागर डोसा प्लाजा रखा गया। साथ ही इसके जरिए दो कर्मचारियों को रोजगार भी मिला। जल्द ही यह दुकान कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच काफी प्रसिद्ध हो गया।

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पूरी दुनिया में कुल 70 आउटलेट हैं

शुरूआत में ही इस नए रेस्तरां के जरिए खाने की करीब 26 वैरायटी शुरु की गईं, जबकि 2002 तक यहां 105 प्रकार के डोसे बनने लगे। प्रेम का हमेशा से सपना था कि वह मॉल में एक रेस्तरां खोले, लेकिन हर बार उन्हें असफलता का सामना करना पड़ता था। हालांकि 2003 थाणे के वंडर मॉल में प्रेम का पहला फ्रैंचाइजी आउटलेट खुला। उसका नाम ‘डोसा प्लाजा’ रखा गया। बता दें कि वर्तमान में डोसा प्लाजा की देश तथा विदेश में कुल 70 आउटलेट हैं। प्रेम का डोसा अब इतना प्रसिद्ध हो गया है कि यह न्यूजीलैंड, दुबई और ओमान तक पहुंच चुका है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 तक डोसा प्लाजा 30 करोड़ की कंपनी बन चुकी थी और अब वह लगातार आगे बढ़ रहा है। – Prem Ganapathi from Tamil Nadu, started a small business with his hard work, today he has 70 outlets all over the world.

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