Tuesday, October 4, 2022

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जानिए कितने सम्पत्ति के मालिक थे MDH वाले दादा जी, उनके पास…

हर घर में मसालों की सुगंध पकवानों के स्वाद को बेहतर बनाती हैं। यूं तो मार्केट में कई मसाले उपलब्ध है लेकिन मसालों के किंग माने जाने वाले एमडीएच के मालिक को आप जानते होंगे। एमडीएच कंपनी के मालिक धर्मपाल गुलाटी जी हैं जिन्होंने मसाले की कंपनी द्वारा देश दुनिया में हर जगह अपनी पहचान बनाई। तो आइए जानते हैं एमडीएच कंपनी के मालिक और उनकी प्रॉपर्टी के बारे में।

मसालों के किंग कहे जाने वाले धर्मपाल गुलाटी जी ने 3 दिसंबर 2020 को 97 वर्ष की उम्र में अपनी आखरी सांसे ली। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। लेकिन इनके गुजर जाने के बाद भी यह कई लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है। धर्मपाल जी ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया और सफलता भी हासिल की। तो आइए जानते हैं उनकी प्रॉपर्टी के बारे में।

धर्मपाल गुलाटी जी का जन्म सियालकोट में वर्ष 1952 में हुआ था जो पाकिस्तान में है। बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आ गया था। उनका बचपन बेहद गरीबी से गुजरा था। उन्हें अपनी पढ़ाई भी पांचवी क्लास में ही छोड़नी पड़ी थी। धर्मपाल जी के पिता मसालों की दुकान चलाते थे जिसका नाम एमडीएच था। बंटवारे के बाद जब धर्मपाल जी का परिवार भारत आया तब उस समय घर चलाने के लिए वह दिल्ली जाकर तांगा चलाने का काम करने लगे।

कैसे की शुरुआत?

धर्मपाल जी ने वर्ष 1952 में दिल्ली के चांदनी चौक में एक छोटी दुकान किराए पर ली और उसी दुकान में उन्होंने दोबारा से मसाले बनाने का काम शुरू किया उस दुकान का नाम भी उन्होंने एमडीएस रखा। उनके मसाले धीरे धीरे मशहूर होने लगे। धीरे-धीरे उन्होंने अपना व्यापार बढ़ाया और आमदनी होने के बाद मसालों की फैक्ट्री लगा ली। उनकी सफलता की शुरुआत चांदनी चौक के उसी छोटे के दुकान से हुई थी। मसाले के किंग बनकर उभरे गुलाटी जी ने काफी मुश्किलों का सामना किया लेकिन उनकी मेहनत कुछ यू रंग लाई कि आज उन्हें सिर्फ भारत देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जाना जाता है। वर्ष 2017 में एक रिपोर्ट के अनुसार वह भारत के सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले सीओ थे। उनकी सैलरी ₹21 करोड़ थी।

गुलाटी जी हमेशा ही समाज सेवा में आगे रहते थे और उन्होंने एक चैरिटेबल ट्रस्ट भी चलाया है। इस ट्रस्ट का नाम उन्होंने अपने पिताजी के नाम महाशय चुनी लाल चैरिटेबल ट्रस्ट रखा है। इस ट्रस्ट के द्वारा उन्होंने 250 बेड का अस्पताल बनवाया जिसमें गरीब बस्तियों में रहने वाले लोगों का मुफ्त में इलाज किया जाता है। इसके साथ ही यह ट्रस्ट एक स्कूल भी चलाता है जिसमें बच्चों को फ्री में शिक्षा भी दी जाती है। जब गुलाटी जी पार्टीशन के बाद पाकिस्तान से भारत आए थे तब उनके पास सिर्फ ₹100 थे लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार 2017 में एम डी एच मसाले की कंपनी को नेट प्रॉफिट 213 करोड रुपए हुआ था। वह आज दुनिया से चले गए लेकिन लगभग 54 सौ करोड़ की प्रॉपर्टी बना कर गए।

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