Friday, February 3, 2023

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कभी सोचा है कि ट्रेन को आखिर पटरियों पर हीं क्यों चलाया जाता है, सङक पर क्यों नहीं: जान लीजिए वजह

हम सभी जानते हैं और देखते भी हैं कि ट्रेन को 4 इंच के ट्रैक पर चलाया जाता है। कभी हमलोग ये सोचे हैं कि ट्रेन को पटरियों पर ही क्यों चलाया जाता है। इसे आम गाड़ियों की तरह सड़कों पर क्यों नहीं चलाया जाता है। पूरी दुनिया भर में ट्रेनों को पटरियों पर ही चलाया जाता है। ट्रेन को पटरियों पर चलाने का सबसे महत्वपूर्ण कारण है।

आज हम आपको कुछ ऐसे महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बताएंगे जिससे यह साबित होगा कि ट्रेन को आखिरकार पटरियों पर ही क्यों चलाया जाता है। तो आईए जानते हैं इसके पीछे के महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में।

ट्रेन को पटरियों पर क्यों चलाया जाता है

हमलोग ज्यादातर ट्रेनों में ही सफर करना काफी पसंद करते हैं। ट्रेन पर सफर करना काफी आनंदमय होता है। अगर बात की जाए तो अपने देश भारत में प्रतिदिन लगभग ढाई करोड़ से भी ज्यादा लोग सफर करते हैं। परन्तु कभी सोंचा है कि ट्रेनों को सड़कों के बजाय पटरियों पर क्यों चलाया जाता है। तो आज हम आपको बताएंगे ट्रेन को पटरियों पर चलाने के पीछे तीन महत्वपूर्ण वजह के बारे में। तो आईए जानते हैं इसके पीछे की‌ महत्वपूर्ण वजह।

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1. Frictional Force ( घर्षण बल):-

ट्रेन को पटरियों के बजाय अगर सड़कों पर चलाया जाए तो इसका घर्षण बल (Frictional Force) काफी बढ़ जाति है। जिससे ट्रेन सड़कों पर चलाया जाए तो वह आगे की ओर नही बढ़ पाएगी। इसके साथ साथ दोनों पटरियों के बीच स्लीपर बिछाया जाता है। जिससे ट्रेन का लोड ज्यादा एरिया में फैल जाए और ट्रैक जमीन के अन्दर ना धंसे।

2. ट्रेन का ज्यादा वजन (Train Overload):-

ट्रेन को पटरियों पर चलाने की दूसरी वजह यह है कि इसका वजन काफी गुणा ज्यादा होता है। अगर बात की जाए तो सड़क पर चलने वाली गाड़ियों के वजन के बारे में तो एक ओवरलोडेड ट्रक का वजन लगभग 23 से 25 टन का होता है। परन्तु वहीं ट्रेन का वजन इससे कई गुणा ज्यादा होता है। और तो और सड़क पर चलने वाली गाड़ियों के पहिए की चौड़ाई लगभग 15 इंच के आसपास होता है। वहीं ट्रेन के पहिये की चौड़ाई 4 इंच होती है। इसलिए अगर इतना भारी भरकम ट्रेन को सड़क पर चलाने के लिए और इसके पहिए के कम चौड़ाई के लिए सड़क को भी 15 गुना मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।

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3. स्टीयरिंग सिस्टम (Steering System):-

तीसरी और सबसे आहम बात अगर सड़क पर दौड़ने वाली गाड़ियों की बात की जाए तो उसमें गाड़ी को घुमाने या फिर मोड़ने के लिए स्टीयरिंग दी जाती है जिससे गाड़ी को आसानी से किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है परंतु ट्रेन में ऐसी कोई स्टीयरिंग नहीं दी जाती है। इसके लिए स्टेशनों से इसे कंट्रोल किया जाता है जिसे इसको जिस दिशा में जानी होती है उसे स्टेशन से कंट्रोल कर पटरी की सहायता से ट्रेन को उस दिशा में भेज दिया जाता है।

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