Wednesday, October 5, 2022

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कॉल सेंटर खोलकर ग्रामीण इलाकों के युवाओं को बनी रही सशक्त, देशीक्रू स्टार्टअप के जरिए कर रही रोजगार की पहल

भारत में लगभग 70% आबादी गांवों में बसती है तथा गाँवों को हीं भारत का हृदय कहा जाता है। अगर आर्थिक दृष्टिकोण से गांवों की बात की जाए तो शहरों की तुलना में गांव बहुत ही पिछड़ा है, तथा सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो शहरों की तुलना में गांवों में शिष्टाचार बहुत ज्यादा प्रभावी है।

रोजगार के मामले में है पिछड़ा

वहीं दूसरी तरफ अगर रोजगार की बात करें तो रोजगार के मामले में गाँव बहुत हीं पिछड़ा है। इसकी सबकी बड़ी वजह गाँवों में इंडस्ट्रीज का नहीं होना है। हालांकि सरकार अपने तरफ से गांव के युवकों को रोजगार देने के लिए प्रयासरत है।

सरकार ले रही है मदद

इसके लिए सरकार स्वयं सेवी संस्थाओं की भी मदद ले रही है। सामाजिक संस्थाएँ और समाजिक लोग इसके लिए आगे आ रहे हैं। आज हम बात करेंगे एक ऐसी हीं महिला की, जो गाँवों में रोजगार बढ़ाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहीं हैं तथा ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी दे रही हैं।

तो आइए जानते हैं उस महिला से जुड़ी सभी जानकारियाँ।

कौन है वह महिला?

हम बात कर रहे हैं इंजीनियर सलोनी मल्होत्रा (Engineer Saloni Malhotra) की, जो आजकल ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार देने को लेकर खुब चर्चे में हैं। वे पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हैं।

लोगों को रोजगार देने का काम

आज के समय में सलोनी मल्होत्रा अपने प्रयासों से बीपीओ उद्योग के प्रति ग्रामिण इलाको में लोगों को प्रोत्साहित कर रहीं हैं तथा लोगों को रोजगार देने का काम कर रहीं हैं। ―Saloni Malhotra steps for the progress of rural areas

कर रही हैं सकारात्मक प्रयास

सलोनी (Engineer Saloni Malhotra) ने ग्रामीणों क्षेत्रो के लिए एक सकारात्मक प्रयास किया है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों को समृद्ध बनाने के लिए गांव में ही कॉल सेंटर खोल दिया ताकि यहां के लोगों को रोजगार के लिए न भटकना पड़े।

गांव में शुरु हुआ स्टार्टअप

सलोनी के द्वारा खोला गया इस स्टार्टअप गांव के लोगों में काम के सलीके, जीने के तौर तरीके और व्यवस्था में परिवर्तन कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रो में कॉल सेंटर खोलने का उनका उद्देश्य केवल पैसा कमाना ही नही था।

गांव के लोग बढ़ें आगे

उनका सपना है कि जैसे शहर के लोग डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ रहे है, ठीक वैसे ही गांव के लोग भी डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ें। उन्होंने बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए देशीक्रू की शुरुआत की। देशीक्रू ने डिजिटाइजेशन सेवाओं डेटा एंट्री और डेटा कनवर्जन जैसे काम किया।

लड़कियों की शिक्षा में भी काम

इतना ही नहीं देशीक्रू लड़कियों की शिक्षा में भी सुधार लाने का काम कर रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की प्रगति के लिए तीन चीजें गांव, प्रौद्योगिकी और लाभ पर ज्यादा बल दिया। इन्ही के साथ जनवरी 2005 में इसकी शुरूआत की।

बेरोजगार युवाओं को भी ट्रेनिंग

फॉर्म का रजिस्ट्रेशन आधिकारिक तौर पर फरवरी 2007 में हुआ।
देशीक्रू सेकंड क्लास शहरों और गांवों में बेरोजगार युवाओं को शामिल कर जरूरी ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराती है।

उठाया सराहनीय कदम

अपने मेहनत के बदौलत आज के समय में इंजीनियर सलोनी मल्होत्रा (Engineer Saloni Malhotra) देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में कॉल सेंटरों का संचालन कर रही हैं। उनके इस सकारात्मक प्रयास के बदौलत बड़ी संख्या में ग्रामीण युवको को रोजगार मिल रहें हैं। समाज के जानकार लोगों के साथ हीं साथ सलोनी मल्होत्रा को जानने वाले और भी लोग उनके इस सराहनीय काम का प्रशंसा कर रहे हैं।

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