Tuesday, October 4, 2022

Buy now

जरूरतमंदों के मसीहा सोनू सूद: एक पैर से 1Km की दूरी तय कर स्कूल जाने वाली लड़की की करेंगे मदद

सोनू सूद जो काफी समय से काफी सुर्खियां बटोर रहे है जिनके चर्चे काफी सुनने में आ रहे है हमने कोरोना काल में सोनू सूद के बारे में काफी कुछ सुना जिसमे ऐसे समय में सोनू कही लोगो के मसीहा बने और लोगो की खूब मदद की। सोनू सूद जो अब एक हीरो के नाम से जाने जाते जिन्होने कितने लोगो की मदद कर कोरोना काल में उन्हे अपने घर सही सलामत पहुंचाया। यदि कोई भी जरूरतमंद की आवाज सोनू सूद के पास आती हैं तो वह मदद करने से बिलकुल पीछे नहीं हटते। ऐसी ही एक बच्ची की मदद करने के लिए सोनू सूद ने अपना कदम फिर आगे बड़ाया और इस बच्ची को एक अच्छा भविष्य देने की बात की, क्युकी यह बच्ची जो स्कूल जा रही और वो भी एक पैर पर वो भी पैदल, अब आप सब ये कहेंगे पैदल जाना बड़ी बात हैं, जी नहीं परंतु हम आपको आगे बताएंगे की बच्ची की हिम्मत और उसके जज्बे के बारे में। इस बच्ची को ऐसे देखते हुए सोनू सूद हमेशा की तरह जरूरतमंद के लिए आगे आए।

आपको बता दे, की यह बच्ची का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे लोग उसके उत्साह और मनोबल को देख रहे क्युकी उस लडकी का एक पैर न होते हुए भी वह पढ़ाई करने के लिए 1 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए स्कूल जा रही हैं।

कौन है वे लड़की…..

इस बच्ची का नाम सीमा (Seema) है जो बिहार (Bihar) के जमुई (Jamui) की रहने वाली है जिनकी उम्र दस साल है जिसको पढ़ाई में काफी लगन है और वह चौथी कक्षा की छात्रा है जिसका सपना है की वह बड़ी होकर टीचर बने और बच्चो को शिक्षा दे। वह एक काफी साधारण परिवार से तालुक रखती है जिसकी आर्थिक स्थिति काफी गंभीर है उनके पिता एक आम मजदूर है और माता भी मजदूरी कर घर का गुजारा चलाते है इनकी माता का कहना है की इनके 6 बच्चे हैं जिसमे सीमा 2 नंबर पर है

सड़क हादसे में गया एक पैर…..

सीमा जिसको छोटी सी उम्र में सड़क हादसे में अपना एक पैर खोना पड़ा।सीमा के साथ यह हादसा दो साल पहले गांव में हुआ था जिसमे सीमा एक ट्रैक्टर के नीचे आने से उसका एक पैर काफी गंभीर हालत में हो गया था। जिसके लिए उसका इलाज करवाया गया लेकिन डॉक्टर का कहना था की जान बचाने के लिए सीमा का एक पैर काटना पड़ेगा। लेकिन यह छोटी सी बच्ची ने पैर खोने के बाद भी अपना सपना पूरा करने का जज्बा रखा और अपने आत्मविश्वास से यह एक पैर से हर काम करने लगी, आपको जान के हैरानी होगी एक पैर खोने के बाद सीमा एक पैर पर ही स्कूल जाती थी वो भी पैदल चल कर।

जब सीमा साथ यह हादसा हुआ तो इनकी माता काफी सहम गई थी क्युकी उनको लगने लगा था की अब सीमा को पूरी जिंदगी किसी न किसी सहारे की जरूरत है जिसकी वजह से सीमा अब खुद कुछ कम नहीं कर सकती, लेकिन सीमा ने इस चीज को गलत साबित किया।

यह भी पढ़ें:-10वीं फेल मनसुखभाई ने बनाया मिट्टी का फ्रिज, बिना बिजली के लंबे समय तक ताजे रहेंगे फल और सब्जियां: Mitticool Fridge

जैसे की हमने आपको बताया की सीमा के परिवार की आर्थिक स्थिति बिलकुल भी मजबूत नहीं थी जिसके कारण उनके पिता उनको नकली पैर नही लगवा सके और इनकी इसी एक पैर पर स्कूल जाते हुए की वीडियो इतनी वायरल हुई जिसे देख सोनू सूद इस परिवार और बच्ची की मदद करने की लिए आगे बड़े।

सोनू सूद ने ट्विटर के जरिए किया एलान….

सोनू सूद जो अब फिर एक हीरो बन इस बच्ची की सहायता करने के लिए आगे आए जिन्होने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर यह लिखा की अभी तक तो ये बच्ची अपने एक पैर पर स्कूल का रही थी अब यह बच्ची अपने दोनो पैर पर खेलती कूदती हुई स्कूल जायेगी। यह ट्वीट करते ही लोग फिर से सुनी सूद की अच्छाईया करने लगे जिसे देख वे फिर से लोगो के लिए हीरो बन गए। एक यूजर ने सोनू का यह ट्वीट देख उनको ट्वीट कर लिखा की ‘सलाम’ है एक वहीं दूसरी और यूजर ने लिखा की ‘शुक्रिया सोनू सूद भाई’ आप काफी अच्छा कार्य कर रहे है।

सोनू सूद तो आए मदद के लिए आगे परंतु यह देख अन्य लोगो ने भी मदद की….

किसी के जुनून के सामने उसके सामने आई कोई भी मुसीबात उसका कुछ नही बिगाड़ सकती, ऐसा ही जुनून हमे सीमा में भी देखने को मिला।जो मात्र 10 साल की उम्र में इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी उनके हौसले बुलंद रहे और वह इस हादसे के बाद भी पीछे नहीं हटी डट कर उस मुश्किल का सामना किया और पढ़ने के लिए मात्र 1 पैर पर 1 किलोमीटर दूर पैदल जाती थी इसी जुनून को देख सोनू सूद ने तो इनकी मदद करने के लिए अपना हाथ आगे बढाया ही लेकिन, साथ में बिहार के भवन निर्माण मंत्री अशोक ने भी सीमा की मदद करने का एलान किया की अब सीमा के सारे इलाज का खर्च महावीर चौधरी ट्रस्ट उठाएगा जिससे सीमा के दोनो पैर पर चलने का सपना पूरा होगा और भविष्य में चल के वह अपने टीचर बनने का सपना भी जरूर पूरा करेगी।

प्रेरणा….

ऐसी बच्ची जो काफी साधारण परिवार से है जिसका एक पैर एक्सीडेंट के दूरान काट दिया गया था फिर भी उसकी लगन और जज्बा पढ़ाई को लेकर बिलकुल कम नही हुआ, जिससे आज यह छोटी बच्ची एक छोटी सी उम्र में हर उन बच्चो के लिए प्रेरणा बनी जो अपनी जिंदगी से हार मान कर जीना छोड़ देते हैं इस बच्ची से हमे कुछ सीखना चाहिए की जिंदगी में कितनी ही मुश्किल क्यों ना आए उसका सामना हमेशा डट कर करना चाहिए जिससे जिंदगी थोड़ी आसान होगी।

यह भी पढ़ें:-जानिए परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह की वीरता की कहानी, जो 1300 चीनी सैनिकों को उतार चुके हैं मौत के घाट

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
- Advertisement -

Latest Articles