Tuesday, October 4, 2022

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बिना कोचिंग किए पास की यूपीएससी परीक्षा और बनाया टॉप 10 में अपना स्थान: IAS Jivani Kartik

देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कैंडिडेट्स बहुत जोरो-शोरो से करते हैं। हर साल होने वाली इस कठिन परीक्षा में लाखों युवाएं शामिल होते हैं लेकिन सफलता सिर्फ उन्हीं हो मिलती है, जिनके हौसलों में जान होती है।

आज हम एक ऐसे ही शख्स की बात करेंगे, जिन्होंने अपने जुनून, लगन और मेहनत के बदौलत इस परीक्षा में कामयाबी हासिल की है।

कौन है वो शख्स?

हम जीवाणी कार्तिक (IAS Jivani Kartik) की बात रहे हैं, जो मूल रूप से गुजरात (Gujarat) के सूरत के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम नागजी जीवाणी है, जो पेशे से एक पैथोलॉजिस्ट हैं और उनकी मां एक गृहणी हैं। – success story of becoming an IAS officer from Gujarat IAS Jivani Kartik

स्कूल में मिलते थे अच्छे अंक

कार्तिक ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वारछा इलाके के पी. पी. और रायन इंटरनेशनल स्कूल से पूरी की, जिसमें उन्होंने अच्छे अंक प्राप्त किए।- success story of becoming an IAS officer from Gujarat IAS Jivani Kartik

आईआईटी मुंबई से प्राप्त की इंजीनियरिंग की डिग्री

वारछा इलाके से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद कार्तिक (IAS Jivani Kartik) ने आईआईटी एंट्रेंस एग्जाम दिया, जिसमें पास करने के बाद आईआईटी मुंबई में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।- success story of becoming an IAS officer from Gujarat IAS Jivani Kartik

इंजीनियरिंग के चौथे साल में आया सिविल सर्विसेज में जाने का ख्याल

इंजीनियरिंग के अंतिम साल में उन्होंने (IAS Jivani Kartik) तय किया कि सिविल सर्विसेज में जाना है फिर वर्ष 2016 में उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और वर्ष 2017 में पहली बार यूपीएससी एग्जाम में बैठें लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली।- success story of becoming an IAS officer from Gujarat IAS Jivani Kartik

पहले प्रयास की कमियों को सुधारते हुए अच्छी रणनीति बनाकर दूसरे बार भी यूपीएससी का एग्जाम दिए लेकिन इस बार महज 2 नंबर से पीछे रह गए।

रखी अपनी कोशिशे बरकरार

लगातार 2 असफलता मिलने के बाद भी कार्तिक (IAS Jivani Kartik) ने हार नहीं माना बल्कि तीसरे बार फिर से यूपीएससी का एग्जाम दिया और इसमें उन्होंने 84वीं रैंक प्राप्त किया। सफलता तो मिल गई लेकिन आईएएस के पद के बजाय आईपीएस का पद मिला और हैदराबाद में उन्हें आईपीएस की ट्रेनिंग मिली।

आईपीएस ट्रेनिंग के दौरान भी करते थे यूपीएससी की तैयारी

आईएएस बनने के सपने को साकार करने के लिए कार्तिक (IAS Jivani Kartik) ने बहुत संघर्ष किया। इतना तक कि आईपीएस के ट्रेनिग के दौरान वें यूपीएससी की तैयारी 10 -12 घंटे करते थें। इसका परिणाम भी उनको बेहतर मिला। – success story of becoming an IAS officer from Gujarat IAS Jivani Kartik

बने गुजरात के पहले अधिकारी

कार्तिक ने आईपीएस ट्रेनिंग के दौरान हैदराबाद से 15 दिनों की छूटी लेकर यूपीएससी की एग्जाम दी थी और अपने चौथे प्रयास में 8वीं रैंक हासिल की और आईएएस बनने के सपने को साकार किया। इसके साथ ही वे गुजरात के पहले आईएएस अधिकारी बन गए।

अपने मंजिल को प्राप्त करके उन्होंने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में कोई प्रयास लगन और जुनून के साथ किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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