Thursday, September 29, 2022

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घर वाले शादी न कर दें इसलिए खुद को रखती थी कमरे में बंद, बिना कोचिंग किए पाई यूपीएससी में सफलता

अब हमारे समाज की लड़कियां किसी भी मामले में लड़को से थोड़ा भी कम नहीं है। चाहे वो पढ़ाई का क्षेत्र हो या नौकरी-पेशा का। लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपना परचम लहराते हुए समाज में अपना मान बढ़ाने का काम किया है।

आज हम बात करेंगे, एक ऐसी हीं महिला की जिन्होंने परिवारिक शर्तो के साथ हीं अपने संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल करते हुए आईएएस अधिकारी बनने का अपना सपना साकार किया है।

कौन है वो महिला?

हम निधि सिवाच ( IAS Nidhi Siwach) की बात कर रहे हैं, जो मूल रुप से हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम की रहने वाली हैं। उन्होंने (Nidhi Siwach) 10वीं की पढ़ाई करने के दौरान ही इंजीनियरिंग करने का मन बनाया और 12वीं के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया।

कहा जाता है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग सिर्फ लड़कों के लिए होता है, लेकिन निधि ने इसे गलत साबित किया और मैकेनिकल में डिग्री हासिल की।

इंजीनियरिंग के बाद की नौकरी

मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद निधि सिवाच (IAS Nidhi Siwach) ने हैदराबाद में एक कंपनी में 2 सालों तक नौकरी की। उसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि, वें समाज में लोगों की सेवा करना चाहती हैं।

फिर आया यूपीएससी की तैयारी का ख्याल

हैदराबाद में दो सालों तक नौकरी करने के बाद उन्हें लगा कि उनकी मंजिल केवल जॉब नहीं है बल्कि वें समाज सेवा करना चाहती थी। उसी दौरान उनके साथ कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने उन्हें यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रेरित किया। तब से उन्होंने यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने का मन बना लिया और अपने लक्ष्य को हासिल करने में लग गईं।- success story of becoming an IAS officer Nidhi Siwach

दो बार रही असफल

निधि सिवाच (Nidhi Siwach) ने अपने लक्ष्य पर फोकस किया और पूरी मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं हालांकि वे पहले दो प्रयासों में असफल रहीं। लेकिन हार न मानते हुए अपनी आगे की कोशिशें बरकरार रखी।- success story of becoming an IAS officer Nidhi Siwach

शर्तो के साथ मिला तीसरे प्रयास का मौका

यूपीएससी की परीक्षा में लगातार दो बार असफल होने के बाद निधि सिवाच ( IAS Nidhi Siwach ) के परिवार वालों ने उनकी शादी करने का मन बनाया, जिसका विरोध निधि ने किया और अपने परिवार वालों से एक और मौका देने की अपील की। परिवार वालों ने इनकी बात मानते हुए शर्तो के साथ इन्हें एक और मौका दिया, शर्त ये था कि अगर तीसरे प्रयास में वें विफल हुई तो उनकी शादी तुरंत हीं करवा दी जायेगी। – success story of becoming an IAS officer Nidhi Siwach

नहीं की कोई कोचिंग क्लास

यूपीएससी एग्जाम की तैयारी के लिए निधि सिवाच (Nidhi Siwach) ने ना ही किसी तरह की कोचिंग किया और ना ही सोशल ग्रुप में शामिल हुईं। वे सेल्फ स्टडी के सहारे हीं परीक्षा की तैयारी करने में जुट गईं।

खुद को किया शादी के डर से एक कमरें में 6 महीने बंद

शादी के डर से अपने आप को 6 महीने तक एक ही कमरें में बंद करके पूरे जी-जान लगाकर UPSC परीक्षा की तैयारी की और अंततः उन्हें इस कड़ी मेहनत का फल भी मिला।- success story of becoming an IAS officer Nidhi Siwach

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

परिवार के साथ शर्तो पर मिले मौके का सदुपयोग करते हुए निधि सिवाच (IAS Nidhi Siwach ) ने तीसरे प्रयास के दौरान काफी मेहनत की और उन्होंने अपने संघर्ष के बदौलत सफलता करते हुए यूपीएससी परीक्षा वर्ष 2018 में 83वीं रैंक हासिल करके आईएएस बनने का अपना सपना साकार किया।

लोगों के लिए बनी है प्रेरणा

अपने संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल करने वाली निधि सिवाच ( IAS Nidhi Siwach ) ने तमाम तरह की बातें और परेशानियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही। एक लड़की के लिए अपने परिवार से शर्तो के साथ यूपीएससी की तैयारी के लिए एक मौका लेना और जी-जान लगाकर सफलता हासिल करना एक बहुत हीं प्रेरणादायी कदम है। उनकी यह सफलता समाज के लोगों या खास कर महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बनीं हुई है।- success story of becoming an IAS officer Nidhi Siwach

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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