Thursday, September 29, 2022

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यूपीएससी परीक्षा पास करके किया अपनी मां का सपना पूरा, 30वाँ स्थान हासिल कर बनी आईएएस अफसर

यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल जारी होने वाले इस कठिन परीक्षा में शामिल तो लाखों युवा होते है लेकिन सफलता सिर्फ उन्हीं को मिलती है, जो अच्छी रणनीति बनाकर इस परीक्षा की तैयारी पूरे लगन के साथ करते हैं।

आज हम एक ऐसी ही होनहार लड़की की बात करेंगे, जिन्होंने अपने मेहनत और लगन के बदौलत एक बेहतरीन रणनीति के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की और उसका परिणाम भी उनको बेहतरीन ही मिला।

कौन है वो होनहार लड़की?

वे आईएएस परी बिश्नोई (IAS Pari Bishnoi) हैं, जो मूल रूप से राजस्थान (Rajasthan) के बीकानेर जिले की नोखा तहसील के काकड़ा गाँव की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम मनिराम बिश्नोई है, जो पेशे से वकील हैं और उनकी माँ का नाम सुशीला बिश्नोई है, जो अजमेर में जीआरपी थानाधिकारी हैं।- success story of becoming an IAS officer
Pari Bishnoi

Image credit Photography

दिल्ली में रहकर की तैयारी

परी (IAS Pari Bishnoi) ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से प्राप्त की और उसके बाद उनके माता-पिता ने आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें दिल्ली भेज दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की और इसी दौरान अपनी मां का सपना पूरा करने हेतु यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया, जिसमें उनके परिवार वालों ने उनकी काफी मदद भी की। बता दें कि, अजमेर के एमडीएस विश्वविद्यालय से परी ने पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।- success story of becoming an IAS officer Pari Bishnoi

दो बार रही असफल

दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद परी बिश्नोई (IAS Pari Bishnoi) ने दिल्ली में ही रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरु की। वे शुरु से हीं पढ़ाई-लिखाई में काफी तेजतर्रार थी। शुरुआत में उन्होंने काफी मेहनत की लेकिन लगातार दुसरी बार भी उन्हें असफलता मिली। इस दौरान घरवालों ने उन्हें काफी प्रोत्साहित किया। – success story of becoming an IAS officer Pari Bishnoi

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तीसरे प्रयास में मिली सफलता

दो बार मिली असफलताओं के बाद परी बिश्नोई (IAS Pari Bishnoi) एकदम से हताश हो गयी थी और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी छोड़ देने को ठानी थी लेकिन घरवालों ने उनका हौसला बुलंद किया तब उन्होंने तीसरे बार भी प्रयास करने को ठानी। अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में तीसवां स्थान प्राप्त करके देश भर में अपना नाम रोशन किया और आईएएस अब अपनी मां का सपना भी साकार किया।- success story of becoming an IAS officer
Pari Bishnoi

नए कैंडिडेट्स को दिया सलाह

परी (IAS Pari Bishnoi) ने सिविल सेवा की तैयारी करने वालें उम्मीदवारों को सलाह देते हुए बताया कि UPSC परीक्षा की तैयारी हमें सभी विषय की एनसीईआरटी किताबों से ही करनी चाहिए और साथ ही साथ पिछले साल के पेपर भी हल करना चाहिए और मॉक टेस्ट भी देना चाहिए। हमें परीक्षा के लिए सही रणनीति के साथ नियमित रूप से पढ़ाई करनी चाहिए और आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस भी रोजाना करनी चाहिए। साथ ही साथ टाइम मैनेजमेंट का भी ध्यान देना चाहिए।- success story of becoming an IAS officer Pari Bishnoi

उन्होंने बताया कि जीवन में कभी समस्याओं को देख कर हताश नहीं होना चाहिए बल्कि अपनी कोशिशें बरकरार रखनी चाहिए, आज नहीं तो कल सफलता आपकी कदम अवश्य चूमेगी।

लोगों के लिए बनी प्रेरणा

अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल करने वाली परी बिश्नोई (IAS Pari Bishnoi) ने अपने सफलता से समाज के हजारों परीक्षार्थियों को एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया है। उन्होंने दो बार के असफलताओं के बाद भी लगातार तीसरे प्रयास में काफी मेहनत की। परिणामस्वरूप उन्हें बड़ी सफलता भी हासिल हुई है। उनकी सफलता की यह कहानी वास्तव में बहुत हीं प्रेरणादायी है।- success story of becoming an IAS officer
Pari Bishnoi

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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