Thursday, September 29, 2022

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कई बार मिली असफलताओं और तानों को सीढ़ी बनाकर पाई असफलता, 19वी रैंक हासिल कर बने IAS अधिकारी

कहते हैं न, गिरने के बाद फिर उठ खड़े होने की हिम्मत मोटिवेशन से ही मिलता है। हर मनुष्य अपने जीवन में ऊंचाईयों को पाना चाहता है लेकिन जब उसको कामयाबी नहीं मिलती है तो वे अपनी मंजिल से भटक सकता है। इस दौरान उसको मोटिवेशन की जरूरत पड़ती है।

आज हम बात एक ऐसे ही शख्स की करने वालें हैं, जिन्हें यूपीएससी एग्जाम के पहले प्रयास में असफलता मिली, तब उनके घरवालों ने उन्हें टूटने नहीं दिया बल्कि यूपीएससी एग्जाम के दूसरे प्रयास के लिए मोटिवेट किया और आज इसी प्रेरणा के वजह से देश के सबसे प्रतिष्ठित आईएएस के पद पर तैनात होकर अपनी पहचान पूरे देश में स्थापित की है।

कौन है वह शख्स,?

हम अभिजीत सिन्हा (IAS Abhijeet Sinha) की बात कर रहे हैं, जो रांची (Ranchi) के बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इनके पिता एक पशु चिकित्सक है। इन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई रांची के जेवीएम श्यामली हाई स्कूल से पूरी की और परीक्षा में भी अच्छे अंक प्राप्त किए। फिर वर्ष 2016 में आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक की डिग्री हासिल की।

कैसे आया यूपीएससी का ख्याल?

आईआईटी कानपुर में पढ़ाई करने के दौरान ही अभिजीत (IAS Abhijeet Sinha) ने यूपीएससी एग्जाम में बैठने का निर्णय कर लिया था और बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।

पहले प्रयास में मिली असफलता

अभिजीत (IAS Abhijeet Sinha) ने यूपीएससी की तैयारी में तो बहुत मेहनत किया लेकिन इसके बावजूद इंटरव्यू में असफलता उनके हाथ लगी। लेकिन घरवालों ने उनके हौसलें को बुलंद किया और यूपीएससी की परीक्षा के लिए फिर से मोटिवेट किया। इसके अलावें अभिजीत ने यूट्यूब से मोटिवेशन वीडियो देख अपने आप को यूपीएससी की दूसरी एग्जाम के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि, पहली बार यूपीएससी एग्जाम को मैने गंभीरता से नहीं लिया था, जिसके वजह से प्री और मेन्स में सफलता तो मिली लेकिन इंटरव्यू में असफल हो गया। इस दौरान मुझे काफी निराशा हुई लेकिन घरवालों और मोटिवेशन वीडियो के वजह से मैने फिर अपने आप को खड़ा किया और दूसरी बार यूपीएससी एग्जाम में बैठा।

दूसरी बार 19वीं रैंक हासिल कर बने टॉपर
घरवालों से प्रेरित होकर अभिजीत (IAS Abhijeet Sinha) ने दूसरी बार यूपीएससी एक्जाम में बैठने का फैसला किया और इस बार अपनी कमियों को ध्यान में रखते हुए यूपीएससी की तैयारी की। भरपूर मेहनत और लगन के बदौलत वर्ष 2017 में वे19वीं रैंक हासिल कर टॉपर लिस्ट में शामिल हुए और आईएएस अधिकारी बन अपनी मिसाल पेश की। जिसके बाद उन्हें झारखंड कैडर दिया गया।

यह सफलता केवल उनकी (IAS Abhijeet Sinha) जीत नहीं थी बल्कि उनके पूरे परिवार की जीत थी, जिन्होंने अपने मोटिवेशन से उन्हें गिरने नहीं लिया बल्कि उड़ने की सीख दी।

उनका (IAS Abhijeet Sinha) कहना है कि, यूपीएससी परीक्षा की तैयारी 1 साल करने के बावजूद अगर असफलता हाथ लगती है तो निराशा तो बहुत होती है लेकिन इन ठोकरों से गिरने के बजाय हमें उठना सीखना चाहिए तभी हम सफल हो पायेंगे। इसके अलावें तैयारी के दौरान एनसीआरटी की किताबें तथा न्यूज पेपर जरूर पढ़नी चाहिए।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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