Friday, September 30, 2022

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पैसों की तंगी के कारण करते थे रेस्टोरेंट में काम, आईएएस अफसर बन किया अपना सपना पूरा

मनुष्य का जीवन संघर्ष के लिए हीं मिला है। आज के आधुनिक समय में विज्ञान जितना भी तरक्की किया है वो सब मनुष्य के संघर्ष के बदौलत हीं संभव हुआ है। आज हम बात करेंगें, एक ऐसे ही शख्स की, जिन्होंने अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल कर आईएएस अफसर बने हैं।

कौन है वह शख्स ?

हम के. जयगणेश  (IAS K. Jai Ganesh) की बात कर रहे हैं, जिनका जन्म तमिलनाडु (Tamil Nadu) के उत्तरीय अम्बर के पास एक छोटे से गांव के गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता अपने परिवार का पालन- पोषण करने के लिए एक फैक्ट्री में काम किया करते थे।

जयगणेश  (IAS K. Jai Ganesh) घर में चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उन्होंने 12वीं की परीक्षा 91 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। इसके बाद तांथी पेरियार इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। ―Success story of IAS Jai Ganesh from Tamil Nadu.

पढ़ाई के बाद की नौकरी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद के जयगणेश की नौकरी एक कंपनी में लग गई, जहां उन्हें हर महीने 2500 रुपये तनख्वाह मिलने लगे। कुछ समय बाद नौकरी से उनका मोह भंग हो गया और उन्होंने समाज के लिए काम करने का फैसला किया।

नौकरी के बाद की यूपीएससी की तैयारी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब के जयगणेश  (IAS K. Jai Ganesh) एक कंपनी में नौकरी करने लगें तो कुछ समय बाद उनका मन नौकरी से भी उतर गया
इसके बाद उन्होंने जन सेवा करने का मन बनाया, जिसके लिए उन्होंने लोक सेवा आयोग के परीक्षा की तैयारी करने को ठानी तथा उन्होंने बेंगलुरु की नौकरी छोड़ दी और वे घर चले गए।

जयगणेश शुरुआती समय में अपने घर से ही तैयारी किया करते थे लेकिन बाद में एक दोस्त के कहने पर उन्होंने चेन्नई के एक कोचिंग में दाखिला लिया और यूपीएससी की तैयारी करने लगे।

खर्च चलाने के लिए वेटर का भी किए काम

के.जयगणेश को यूपीएससी परीक्षा के तैयारी के दौरान अपने खर्च के निर्वहन के लिए तरह-तरह की संघर्ष करने पड़े। वे बहुत हीं निम्न परिवार से ताल्लुक रखते थे, इसलिए उन्हें अपने पढ़ाई और रहने-खाने के खर्च के लिए होटल में वेटर का भी काम करना पड़ा था। ―Success story of IAS Jai Ganesh from Tamil Nadu

7वीं प्रयास में हासिल की सफलता

दृढ़ इच्छा और लगन के बल पर कभी वेटर रहे तमिलनाडु के के.जयगणेश  (IAS K. Jai Ganesh) ने अपने आईएएस बनने के सपने को साकार किया।

बता दें कि, लगातार 6 बार असफल रहे के.जयगणेश का इंटेलीजेंस ब्यूरो की परीक्षा में चयन हो गया था, लेकिन उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा के लिए यह नौकरी छोड़ दी। 6 बार मिली असफलता के बाद के.जयगणेश ने अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत 7वें प्रयास में सफलता हासिल किया।

2008 की UPSC परीक्षा में उन्हें 156वीं रैंक मिली और वह आईएएस बनें। उन्होंने अपने संघर्ष से अपने कामयाबी की लकीर खिंची है। ―Success story of IAS Jai Ganesh from Tamil Nadu.

लोगों के लिए बने हैं प्रेरणा

अपने मेहनत और संघर्ष के बदौलत सफलता हासिल करने वाले के॰ जयगणेश  (IAS K. Jai Ganesh) की सफलता की कहानी बहुत हीं प्रेरणादायी है। एक बहुत हीं गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले के॰ जयगणेश अपने बूरे दिनों में भी संघर्ष करते रहे और अंततः वें कामयाबी हासिल करते हुए अपने लक्ष्य को पाने में सफल रहें। उनकी संघर्ष और कामयाबी की यह कहानी सभी के लिए एक प्रेरणा है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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