Wednesday, October 5, 2022

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पिता करते थे सिंचाई विभाग में काम ताकि बेटा कर सके पढ़ाई, बेटे ने आईएएस बनकर किया सपना पूरा

कहते हैं जिनके इरादे और हौसले बुलंद हो तो निश्चित ही वे लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करते है। सबके लिए सफलता की एक नई मिशाल पेश करते है। आज हम बात करेंगे एक ऐसे हीं शख्स की, जिसने अपने लक्ष्य को हासिल करने में अपने इरादे और हौसले को बुलंद रखकर काफी संघर्ष किया। उसके बदौलत उन्होंने सफलता भी हासिल की है।

कौन है वह शख्स?

हम रवि आनंद (IAS Ravi Anand) की बात कर रहे हैं, जो मूल रुप से झारखंड (Jharkhand) के दुमका के रहने वाले हैं। इनके पिता का नाम दीपक कुमार शर्मा है, जो कि सिंचाई विभाग में सहायक इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं तथा उनकी माता का नाम बिंदु शर्मा है, जो कि एक गृहणी हैं। —Success story of IAS Ravi Anand.

गांव से ही पूरी की अपनी शुरुआती पढ़ाई

उन्होंने (IAS Ravi Anand) अपनी शुरुआती पढ़ाई दुमका से हीं पूरी की और इसके बाद वें कक्षा 12वीं की पढ़ाई के लिए कोटा, राजस्थान चले गए। 12वीं की परीक्षा में इन्होंने बहुत अच्छे अंक हासिल किया था, जिसके वजह से इनका चयन आईआईटी खड़गपुर में हो गया और वहां से उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की।Success story of IAS Ravi Anand.

नौकरी के बाद की यूपीएससी को तैयारी

आईआईटी खड़गपुर से बीटेक की पढ़ाई करने के बाद रवि आनन्द (Ravi Anand) की रिलायंस कंपनी में अच्छी तनख्वाह पर नौकरी भी लग गई लेकिन इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने अपना मन सिविल सेवा में जाने का बना लिया था, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को छोड़ दिया और पूरे लगन के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए UPSC की तैयारी करने लगे। —Success story of IAS Ravi Anand.

कैसे की तैयारी?

रवि आनन्द (Ravi Anand) ने ग्रेजुएशन के आखिरी साल से ही सिविल सेवा परीक्षा की बेसिक तैयारी शुरु कर दी थी। तैयारी के दौरान वें नियमित रूप से न्यूज़ पेपर पढ़ने के अलावा एनसीईआरटी की किताबो से पढ़ाई करते थे। इसके अलावें वें कुछ चुनिंदा किताबों और कोचिंग द्वारा उपलब्ध कराए गए स्टडी मैटेरियल से तैयारी करते थे।

नए कैंडिडेट्स को दिया सलाह

उन्होंने बताया कि, हमें UPSC की तैयारी के लिए वहीं ऑप्शनल विषय के रूप में चुननी चाहिए, जिसमे हमारी ज्यादा रुचि हों। इसके अलावें इस परीक्षा की सिलेबस की भी अच्छी जानकारी होनी चाहिए तथा लिमिटेड किताबों से ही परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। Success story of IAS Ravi Anand.

दो बार रहे असफल

कोटा से 12वीं तथा आईआईटी खड़गपुर से बीटेक करने के बाद रवि आनन्द ने जब देश सेवा की नियत रखी तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरु की। उन्हें पहले और दुसरे प्रयास में सफलता हासिल नहीं हुई लेकिन वें अपने असफलता से तनिक भी विचलित नहीं हूए और अपना संघर्ष जारी रखा।Success story of IAS Ravi Anand.

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

अपने प्रयासों के बावजूद दो बार असफलता पाने के बाद भी रवि आनंद ने तीसरे प्रयास में पूरे जोश के साथ तैयारी की तथा अपने सार्थक प्रयास के बदौलत वर्ष 2017 में यूपीएससी की परीक्षा में 79वां रैंक प्राप्त किया। 79वीं रैंक हासिल करने के साथ उनका आईएएस बनने का लक्ष्य भी पूरा हुआ।

लोगों के लिए बने प्रेरणा

अपने मेहनत और सफलता के बदौलत सफलता हासिल करने वाले रवि आनंद ने यूपीएससी की परीक्षा पास करते हुए सफलता की एक नयी ईबादत लिखी है।

उन्होंने अपने मेहनत के बदौलत जो सफलता हासिल की हैं वह लोगों के लिए एक प्रेरणा बनीं हुई हैं। शुरुआती पढ़ाई अपने गृह स्थान से पूरी करने के बाद जिस तरह से उन्होंने आगे की पढ़ाई और अपनी सफलता को जो नींव रखी है, वह हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई है।Success story of IAS Ravi Anand.

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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