Thursday, September 29, 2022

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गर्लफ्रेंड के चक्कर में हुए 12वीं क्लास में फेल और चलानी पड़ी ऑटो, यूपीएससी एग्जाम देकर 121वीं रैंक लाकर बने IPS

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।” अपनी कमी पर पछताने के बजाए हमें अपनी कमी को सुधारकर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।

बने काबिल आईपीएस ऑफिसर

आज हम एक ऐसे शख्स की बात करेंगे, जिनके सफलता के ऊपर एक किताब भी लिखी जा चुकी है। बता दें कि, वे शख्स 12th में फेल होने के बाद पछतावा करने के बजाए कोशिश करना नहीं छोड़े और आज एक काबिल आईपीएस अफसर है।

इस शख्स के ऊपर जो किताब लिखी गई है उस किताब का शीर्षक है, ’12th फेल, हारा वहीं जो लड़ा नहीं’, और इस किताब को लिखा है, अनुराग पाठक ने।

कौन है वह शख्स?

हम मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena District) के रहने वाले आईपीएस मनोज शर्मा (IPS Manoj Sharma) की बात कर रहे है, जिन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पर ज्यादा ध्यान नही दिया। नौंवी और दसवीं की परीक्षा में उन्होंने थर्ड डिवीज़न प्राप्त किया, लेकिन बारहवीं में नकल करने का मौका नही मिलने के वजह से वह फेल हो गए। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने एक इंटरव्यू के दौरान दी थी।

चीटिंग नहीं कर पाने की वजह से फेल

उन्होंने बताया था कि‌ 12वीं में वें इसलिए फेल हो गए क्योंकि वहां का SDM बहुत सख्त था नकल के मामले में जिस वजह से उनको नकल करने का मौका नही मिला। ―Success story of IPS Manoj Sharma.

12वीं में फेल होने के बाद SDM बनने को ठानी

मनोज ने अपनी 12th की परीक्षा में SDM के सख्ती के कारण नकल नही की, जिस कारण वह फेल कर गए। उसी समय उनको SDM के पावर का अंदाजा हुआ और वह उन्होंने उसी समय तय कर लिया कि वह SDM बनेंगे, लेकिन यह सफर उनके लिए आसान नही थी।

12th में फेल होने के बाद चलाई टेम्पो

बता दें कि, 12th की परीक्षा में असफल होने के बाद मनोज (IPS Manoj Sharma) घर की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए टेम्पो चलाने का काम करने लगे। एक दिन उनकी टेम्पो पकड़ी गई तो उसे छुड़वाने के लिए वह SDM के पास पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद वह टेम्पो छुड़वाने के जगह UPSC की परीक्षा की जानकारी SDM से पूछने लगे। उस अधिकारी ने इनको परीक्षा से सम्बंधित पूरी जानकारी दी। उसके बाद उन्होंने ठान ली कि वह फिर से 12th की परीक्षा देंगे और पास होने के बाद UPSC की तैयारी करेंगे। 12th की परीक्षा में जैसे-तैसे करके वह पास कर गए और उसके बाद UPSC की तैयारी करने लगे। ―Success story of IPS Manoj Sharma.

गर्लफ्रेंड के साथ मिलने के बाद जारी की UPSC की तैयारी

12th में फेल होने के बाद उनकी (IPS Manoj Sharma) गर्लफ्रेंड ने उनको छोड़ दिया था, लेकिन दुबारा 12th की परीक्षा देने के बाद सफलता मिलने पर मनोज ग्वालियर चले गए और वहां जाकर चपरासी की नौकरी की। उसके बाद अपनी गर्लफ्रेंड के पास जाकर उससे UPSC की तैयारी में साथ देने की रिक्वेस्ट की। उससे उन्होंने कहा कि, अगर तुम मेरा साथ दोगी तो मैं जरूर सफल होऊंगा। इस बातों को सुनकर उनकी गर्लफ्रेंड ने भी साथ देने का वादा किया और उसके बाद मनोज ने अपनी सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की।

पहली, दूसरी और तीसरी प्रयास में नहीं मिली सफलता

मनोज (IPS Manoj Sharma) ने UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली का रुख किया और उन्हें एक ऐसे शख्स मिले, जिन्होंने इनको फ्री में ट्यूशन पढ़ाना स्टार्ट किया। बता दें कि, पहले प्रयास में मनोज में प्री तो निकाल लिया लेकिन मेंस में उनको सफलता नही मिली। इसके बाद वह दूसरी बार फिर से UPSC की परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन इस बार भी उनको सफलता हाथ नहीं लगी। तीसरी बार भी वह परीक्षा में सफल नही हो पाए।

चौथे प्रयास में 121वीं रैंक प्राप्त कर बने आईपीएस अफसर

तीन बार असफल होने के बाद में मनोज (IPS Manoj Sharma) ने हार नही मानी बल्कि और मजबूती के साथ परीक्षा की तैयारी में जुट गए। शुरुआती पढ़ाई सही नही रहने के कारण इनको बहुत मेहनत करना पड़ा लेकिन उस मेहनत का परिणाम भी बेहतर मिला। उन्होंने चौथी प्रयास में 121वीं रैंक हासिल की और आईपीएस अधिकारी बन गए।

अपने अंदर भी है एक क्वालिटी

उन्होंने बताया कि, UPSC के इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि, यहां अच्छे-अच्छे डिग्री हासिल कर बहुत लोग आते है, तो हम आपको क्यों सेलेक्ट करे? इसका जवाब मनोज बड़े ही सरलता से दिया, ‘ अगर 12th फेल होने के बाद भी मैं यहां तक पहुंचा हूँ तो कुछ तो मेरे अंदर भी क्वालिटी होगी।’

मनोज शर्मा (IPS Manoj Sharma) की कहानी उन सभी युवाओ के लिए प्रेरणादायी बनी है, जो असफलता के बाद कोशिश करना छोड़ देते है तथा उनकी यह संघर्षभरी कहानी सबको यह सीख देती है कि, अगर किसी काम को मेहनत और लगन से की जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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