Wednesday, October 5, 2022

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खाने के लिए लाइन में खड़ा होने से आईडिया आया फिर खड़ी कर दी 1 लाख करोड़ की कम्पनी: जानिए Zomato की कहानी

जोमैटो (Zomato) कंपनी को पूरे भारत मे आज के समय मे कौन नही जानता? भारत मे इसकी अपनी एक अलग पहचान है। आज के बिजी दौर में ज्यादातर लोग जोमैटो ऐप की मदद से घर बैठे ऑनलाइन खाना मंगवाते है। आज हम इसी कंपनी (Zomato) की कामयाबी की कहानी आपको बताने वाले है। हम आपको बताने वाले है कि एक मामूली सी कंपनी ने कैसे पूरे भारत पर राज किया?

सबसे पहले हम आपको बता दें कि, जोमैटो (Zomato) एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो ऑनलाइन रेस्तरां खोजकर खाना मंगवाने का काम करती है। जिसकी स्थापना दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने वर्ष 2008 में किया था। उस समय उन्होंने इस कंपनी की शुरुआत एक रेस्तरां और फूड लिस्टिंग वेबसाइट के रूप में किया था, जिसको  ‘फूडीबे’ कहा जाता है। ―Success story of Zomato CEO Deepinder Goyal .

दो शख्सों ने मिलकर की इस कंपनी की शुरुआत

जोमैटो (Zomato) कंपनी की शुरुआत दो शख्स ने मिलकर किया था। जिनका नाम दीपिंदर गोयल   (Deepinder Goyal ) और पंकज चड्ढा (Pankaj Chadha) है। आपको बता दें कि, इस दोनों की मुलाकात बैन कंसल्टिंग नामक एक फर्म में काम करने के दौरान हुई थी।

कैसे आया कंपनी शुरू करने का ख्याल

जोमैटो के फाउंडर दीपेन्दर  (Zomato’s CEO Deepinder Goyal) का जन्म पंजाब (Panjab) के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। इनकी (Zomato’s CEO Deepinder Goyal) शुरुआती पढ़ाई सही नही थी, जिसके कारण वह छठी तथा ग्यारहवीं वर्ग में दो बार फेल हो गए थे। इसके बाद इन्होंने कड़ी मेहनत कर अपनी पढ़ाई में काफी सुधार किया। मेहनत का परिणाम यह मिला कि उन्होंने IIT एग्जाम को पहले ही बार मे क्रैक कर लिया और IIT दिल्ली से अपना इंजीनियरिंग को डिग्री प्राप्त किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2006 में मैनेजमेंट कंसल्टिंग कंपनी बेन एंड कंपनी में नौकरी करना शुरू किया। नौकरी करने के दौरान लंच के समय मे उन्होंने अपने सहकर्मियों को कैफेटेरिया के मेन्यू कार्ड के लिए लंबी लाइनों में लगते देखा। तब उन्होंने मेन्यू कार्ड स्कैन कर साइट पर डाल दिया, जो काफी पॉपुलर हुआ और यही से उनके दिमाग मे एक ऑनलाइन वेबसाइट का आयडिया आया। इस बारे में उन्होंने अपने ऑफिस के एक दोस्त पंकज चड्ढा से बात की। जिसके बाद दोनों ने मिलकर एक ऐसी वेबसाइट बनाने की सोची, जिसमें इलाके के सभी रेस्टोरेंट के सारे मेन्यू उनके ऑफिस के लोगों के लिए उपलब्ध हों। आपको बता दें कि, जोमैटो फाउंडर दीपेन्दर गोयल स्वभाव से शांत और शर्मीले हैं। इनके कारोबार को इतनी कामयाबी मिलने के बावजूद भी आजतक इनमे किसी प्रकार का घमंड देखने को नही मिला और इन्होंने कभी अपने निजी जिंदगी को मीडिया में शेयर नही किया। ―Success story of Zomato CEO Deepinder Goyal .

धीरे-धीरे पूरे भारत मे राज करने लगा यह कंपनी

आपको बता दें कि, एक ऐसा समय था जब इस कंपनी को कोई नही जानता था लेकिन स्टार्टिंग के कुछ ही वर्षों बाद यह पूरे भारत मे छा गया। एक समय ऐसा था कि जोमैटो केवल अपनी वेबसाइट पर विज्ञापनो के माध्यम से राजस्व कमा रहा था। कुछ ही वर्ष बाद साल 2013 में सिकोइया कैपिटल इंडिया ने जोमैटो के लिए 37 मिलियन डॉलर के फंडिंग राउंड का नेतृत्व किया। जोमैटो को देखते हुए उस समय दोनों निवेशकों, सिकोइया और मौजूदा निवेशक इंफो एज ने केवल $150 मिलियन का मूल्यांकन देखा। ―Success story of Zomato CEO Deepinder Goyal .

आज के समय मे जोमैटो आईपीओ (Zomato IPO) की बाजार में लिस्टिंग

आपको बता दें कि, लिस्टिंग के बाद जोमैटो के शेयरों (Zomato IPO) में लगातार तेजी बनी हुई है। कंपनी के शेयरों काम मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। मार्केट कैप के लिहाज से यह भारत की 45वीं नंबर की कंपनी बन चुकी है। आज के समय मे BSE पर फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो के शेयर (Zomato IPO) 115 रुपए पर शेयर हुए हैं। आपको बता दें कि, यह इश्यू प्राइस से 51.32 फीसदी यानी 39 रुपए ज्यादा है और NSE पर जोमैटो के शेयरों की लिस्टिंग 116 रुपए पर हुई है। सबसे खास बात यह है कि, सुबह 10.07 बजे कंपनी के शेयर NSE पर 138.50 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे।

आपको बता दें कि, आज के समय मे फ़ूड डिलीवरी करने वाली यह कंपनी 22 देशों में 10 हज़ार शहरों में सेवाएं दे रही है। जोमैटो ऑनलाइन फूड डिलीवरी की एशिया में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है।

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