Tuesday, October 4, 2022

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कठिन परिश्रम के बदौलत बकरी चराने वाला लड़का बना IAS अधिकारी, पढ़िए इनकी संघर्ष की कहानी

अक्सर जिंदगी में ऊंची मुकाम को हासिल करना कोई आसान बात नही होती । कही बार लोगो को अपनी जिंदगी में कुछ बनने के लिए कही ऐसी परस्थितियों का सामना करना पड़ता है जिसके बारे में वो कभी सोच भी नहीं सकते और इसी का नाम जिंदगी हैं। कोई भी इंसान बिना मेहनत किए अपनी जिंदगी में कुछ हासिल नहीं करता, अधिकतर हमने ऊंचे पद के लोगो को काफी संघर्ष कर अपनी मंजिल को हासिल करते देखा हैं बात बस इतनी सी है की अगर जिंदगी में कोई परिस्थिति आई है तो हम उस परिस्थिति में खुद को किस तरह से ढालना है और किसी तरह से उसका सामना कर उसे अपने अवसर में बदलते है।

आज हम आपको एक ऐसी ही युवक की कहानी बताएंगे। जिन्होने काफी संघर्ष कर और अपने घर के हालात सही न होने के बावजूद भी खूब मेहनत की और अपने आप को इस काबिल बनाया की आज वह एक आईएएस (IAS) के पद को संभाल रहे है। और अपने माता पिता वे समाज का नाम गर्व से ऊंचा कर रहे हैं।

जानते है कौन है वो युवक….

जी हां आज हम बात कर रहें है राम प्रकाश (Ram Prakash), जो आज आईएएस (IAS) बन चुके है यह युवक उत्तरप्रदेश (Uttarpradesh) के मिर्जापुर (Mirzapur) के रहने वाले है। इनकी लगन और मेहनत से काफी मुसीबतों का सामना कर आज इन्होंने एक ऐसा पद को हासिल किया। जिसको हासिल करने में अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते है परंतु, इनकी मेहनत और इनके संघर्ष से आज इन्होंने अपने माता पिता का नाम रोशन किया।

साधारण परिवार से रखते है तालुक..

जैसे की हमने आपको बताया की राम प्रकाश जो काफी मेहनत कर आईएएस बने। इनके पढ़ाई के शौक और उसमे काफी तेज तर्रार होने के कारण आज यह इस पद तक पहुंचे। आपको बता दे, की राम प्रकाश जो की बेहद ही साधारण परिवार से तालुक रखते है। बचपन से ही उन्होंने पढ़ने में काफी दिलचस्पी थी। उन्होंने अपनी 12 की पढ़ाई के बाद ही निश्चय कर लिया था की अब वह किस और अपना कदम रखेंगे।

आपको बता दे, की स्कूल के दिनों में अपने घर के कामों में हाथ बटाने के लिए। राम प्रकाश अपनी दादी के साथ बकरी भी चराने जया करतें थे।

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12 की पढ़ाई के बाद किया निश्चय…

2007 में जब वह अपनी 12 कक्षा की पढ़ाई कर रहे थे। जो उन्होंने 12 कक्षा की पढ़ाई उन्होंने श्रद्धानंद सरस्वती इंटरमीडिएट कॉलेज रोहनिया, वाराणसी से पूरी की। जैसे ही उनकी 12 समाप्त हो गई तो उन्होंने निश्चय कर लिया था की वह यूपीएससी की परीक्षा की और अपना रुख करेंगे।

वैसे हम सब जानते है की भारत में यूपीएससी की परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है जिसमे कुछ बच्चे अपने सपने को साकार करते है। क्युकी यूपीएससी की पढ़ाई जिसमे दिन रात एक कर अपनी पूरी मेहनत कर उस परीक्षा को पास करना होता है तो यह सब ठान कर राम प्रकाश ने यूपीएससी की तैयारी करने का ठाना और अपनी मेहनत और बलबूते से उस परीक्षा को देने के लिए जुट गए।

तैयारी के दौरान कही मुश्किलों का किया सामना….

जैसे ही राम प्रकाश ने अपनी 12 की पढ़ाई को पूरा किया, ठीक उसके बाद वह यूपीएससी की परीक्षा के लिए जुट गए। लेकिन किसी भी काम को पूरा करना कोई आसान बात नही होती। ठीक ऐसे ही जब राम प्रकाश अपनी यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे तो उन्हे कही मुश्किलों का समाना करना पड़ा। जिसके बाद भी उन्होंने अपने रास्ते में आई हर मुश्किलों को अपने अवसर में बदल और अपने हौसले बुलंद रख अपनी यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।

मेहनत करने वाले की कभी हार नही होती।

राम प्रकाश जिन्होने काफी संघर्ष के बाद अपनी मंजिल को हासिल किया। आपको जान कर हैरानी होगी की राम प्रकाश जिन्हे 5 बार असफलता हाथ लगने के बाद भी हार नही मानी और अपनी मंजिल को और चलते गए, जिन्होने अपने हौसले और मेहनत को कभी कम नहीं होने दिया और जिसके कारण वह 2018 में 6 प्रयास के बाद यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की और 162 रैंक को हासिल किया। जिसके बाद उनके गांव में खुशी का कोई ठिकाना नहीं था ।

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काफी एक्टिव है सोशल साइट को लेकर….

जिनकी हम बात कर रहे है आज वह आईएएस राम प्रकाश बन चुके है जो सोशल साइट्स को लेकर ट्विटर पर काफी एक्टिव रहते है। वही अपने बचपन की बातो को लोगो के साथ सांझा करते है उन्होंने बताया की वो किसी तरह बचपन में शरारते किया करते थे। उन्होंने हाल ही में एक बचपन की कहानी को लोगो के साथ सांझा किया है जिसमे उन्होंने बताया की जब वह 7 वी कक्षा में थे तो वह वह स्कूल के बाद जीजी के साथ बकरी चलाने जाया करते थे जिसने उन्होंने बताया की अपने खेल खेल में बकरी कही चली गई और काफी ढूंढने के बाद मिली।

प्रेरणा…

सच ही कहते है की किस्मत कब पलट जाए कुछ पता नहीं चलता, क्युकी कब एक रंक राजा बन जाए और कब एक रंक राजा बना जाए ये कोई नही जान सकता। ठीक इसी तरह राम प्रकाश की मेहनत और जज्बे ने आज उन्हे एक आईएएस अधिकारी का पद हासिल करवाया, जिसमे लोगो को इनसे प्रेरणा ले कर इनकी तरह कड़ी मेहनत कर अपनी मंजिल को हासिल कारण चाहिए।

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