Wednesday, October 5, 2022

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बस कंडक्टर की बेटी ने मां के ताने सुन लिया अफ़सर बनने का संकल्प, IPS अधिकारी बन प्रेरणा की मिशाल कायम की

आईपीएस ऑफिसर शालिनी अग्निहोत्री की कहानी।

जैसा की हम सब लोग जानते है की यूपीएससी की परीक्षा भारत में सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में सफल होने के लिए लोगो को कई साल कड़ी मेहनत करनी पड़ती है उसके बावजूद भी कई लोग इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाते। जिन लोगो में कुछ करने का जज्बा होता है, वहीं लोग इस मुकाम को हासिल कर सकते हैं।
अब हम बात करेंगे एक ऐसी लड़की की जो की एक बस कंडक्टर की बेटी है, जिसने अपनी मां के अपमान के बाद यूपीएससी की परीक्षा देने की ठानी और बनी आईपीएस ऑफिसर।

हम बात कर रहे है, आईपीएस शालिनी अग्निहोत्री (IPS Shalini Agnihotri) की जो कि हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के एक छोटे से गांव ठठ्ठल की रहने वाली हैं। इनके बचपन में एक ऐसी घटना घटी जिसके कारण उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा देकर आईपीएस ऑफिसर बनने की ठान ली।

आईपीएस ऑफिसर बनने का कारण……

शालिनी अग्निहोत्री के बचपन में एक ऐसी घटना घटी थी जिसके कारण उन्होंने आईपीएस ऑफिसर बनने की ठानी। जब शालिनी छोटी थी तब वह एक बार अपनी माता के साथ बस में सफर कर रही थी उस सफर के दौरान उनकी माता की सीट के पीछे किसी अजनबी ने हाथ रखा था। जिसकी वजह से उनकी माता असहज महसूस करने लगी थी। जब शालिनी ने अपनी माता को देखा की वह इस कारण से ठीक से बैठ नही पा रही है, तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए उस अजनबी से अनुरोध किया की वह अपना हाथ हटाए। पर उस अजनबी ने उनकी बात ना मानकर बल्कि उन्हें गुस्से में आकर कहा की तुम कौनसी डीसी लगी हो जो तुम्हारी बात मानी जाए। उस दिन उस अजनबी द्वारा कही हुई बात का शालिनी के मन पर ऐसा असर हुआ की उन्होंने तय कर लिया था की वह बड़े होकर आईपीएस ऑफिसर ही बनेंगी। और इसी जज्बे ने शालिनी को अपने मुकाम को हासिल करने में सफलता दिएलवीई थी।

यूपीएससी की तैयारी…..

Shalini Agnihotri

शालिनी अग्निहोत्री ने यूपीएससी की तैयारी घर वालो को बिना बताए की थी। शालिनी ने दसवीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। और 12वी कक्षा में 77 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उसके बाद उन्होंने पालमपुर स्थित हिमाचल प्रदेश एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कृषि में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के लिए दाखिला लिया और साथ ही अपने यूपीएससी की परीक्षा में सफल होने का लक्ष्य ध्यान में रखते हुए तैयारी करनी शुरू कर दी। घर वालो को बिना बताए यूपीएससी जैसी बड़ी परीक्षा की तैयारी शालिनी ने खुद अपनी बदौलत की और साथ ही अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पर भी उन्होंने ध्यान दिया।

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यूपीएससी की परीक्षा में सफलता…..

शालिनी ने यूपीएससी की परीक्षा सन् 2011 में पहली बार दी जिसमे उन्होंने सफलता हासिल करली थी और सन् 2012 तक उनके इंटरव्यू का भी परिणाम आ गया था। जहा लोगो को कई साल कड़ी मेहनत करने के बाद भी इस परीक्षा में सफलता नहीं मिलती वही शालिनी अग्निहोत्री के आईपीएस ऑफिसर बनने के जज्बे के कारण उन्होंने पहली बार में ही परीक्षा और अन्य सभी राउंड्स में सफलता प्राप्त करली।

आईपीएस बनने के बाद की सफलता….

शालिनी केवल अपने लक्ष्य को लेकर ही ध्यान केंद्रित नहीं थी बल्कि वह अपनी ड्यूटी के प्रति भी उत्तरदायी थी। वह एक काबिलियत ऑफिसर है। उन्होंने बढ़ते हुए अपराध को नियंत्रण किया और उनके इसी जज्बे और काबलियत के लिए उन्हें प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठित बेटन और गृहमंत्री की रिवॉल्वर दी गयी है। आज के समय में जहा हर छोटे से छोटे जिले में अपराध होने लगा है इन अपराधो को शालिनी अग्निहोत्री जेसी काबिलियत ऑफिसर ही नियंत्रण कर सकती है।

पुरुस्कार और चर्चा…..

IPS Shalini Agnihotri

शालिनी ने अपनी आईपीएस ऑफिसर की ट्रेनिंग के दौरान बेस्ट ट्रेनी का अवॉर्ड जीता तथा साथ हीं वे राष्ट्रपति के हाथों से भी पुरस्कृत हुई हैं। और ड्यूटी के दौरान जब उनकी पोस्टिंग कुल्लू में हुई थी, तब उन्होंने रातों रात नशा कारोबारियों को जड़ से उखाड़ फेका था। और इस घटना के बाद वह खूब चर्चा में आ गई थीं। हमारे देश को शालिनी अग्निहोत्री जैसी आईपीएस ऑफिसर की जरूरत है। जो बिना डरे अपराधो को जड़ से मिटा सके और अपराधियो का डटकर सामना करे। शालिनी के इसी जज्बे के कारण आज अपराधी उनसे डरते है।

आज शालिनी जो भी है, अपने माता पिता जिन्होंने एक बस कंडक्टर होते हुए भी उन्हे अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलवाई और,अपने जज्बे के बदौलत है। उनके मन पर जो उनकी मां के अपमान का असर हुआ था उसी न उनके मन में ऑफिसर बनने के जज्बे को जगाया था, जो की कबीले तारीफ़ है।

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प्रेरणा……

आज शालिनी अग्निहोत्री बहुत से लोगो के लिए उनकी प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है की अगर इंसान के मन में कुछ करने का जज्बा हो और वह ठान ले की उसे अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है किसी भी हाल में, तो वह अपने लक्ष्य में सफलता प्राप्त कर सकता है।
बहुत से लोग कई साल कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफल नहीं हो पाते है।उन लोगो को कभी भी हिम्मत नही हरनी चाहिए, हमेशा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। शालिनी जैसे लोगो से प्रेरणा लेनी चाहिए जो की अपने जज्बे के कारण आज सफल है और एक काबिलियत आईपीएस ऑफिसर है।

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