Wednesday, October 5, 2022

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मात्र 8 फिट की बालकनी में सुमिता ने उगाए 300 से ज्यादा पौधे, अब लोग ले रहे हैं खेती के टिप्स

अक्सर शहरों में हमें हरियाली बहुत कम देखने को मिलती है। ज्यादातर शहरों में पेड़ उगाने के लिए जगह की कमी होती है, इसलिए लोग इस समस्या से निपटना चाहते हैं। मेरठ की रहने वाली सुमिता सिंह ने इस समस्या से निजात पाने के लिए अपने घर की छोटी सी बालकनी में ही पौधे लगाने का काम शुरू किया है। – Sumita Singh from Meerut plants more than
300 trees in her balcony

पौधे लगाने का है शौक

मेरठ की रहने वाली 36 वर्षीय सुमिता सिंह को बचपन से ही पौधे लगाने का शौक था। वे स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी में फार्मेसी की प्रोफेसर हैं। उनका बचपन असम में गुजरा है लेकिन ट्रांसफर के बाद वे अपने पिता के साथ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर आ गईं। असम की तुलना में उन्हें गोरखपुर में बहुत कम हरियाली देखने को मिलती थी। इस वजह से उन्हें पौधे लगाने का ख्याल आया।- Sumita Singh from Meerut plants more than
300 trees in her balcony

घर की बालकनी में उगाती हैं पौधे

पेड़ लगाने की शौकीन सुमिता जगह की कमी के कारण अपने फ्लैट की बालकनी में ही पौधे उगाती हैं। अपने घर के 7 से 8 फीट की दो बालकनी में उन्होंने 120 किस्मों के 300 से भी ज़्यादा पौधे लगाए हैं।- Sumita Singh from Meerut plants more than 300 trees in her balcony

बगीचे में लगाती हैं इनडोर प्लांट्स

सुमिता के अनुसार उनके घरवालों को ऐसा लगता था कि अगर घर पर ज्यादा पौधे होंगे तो मच्छर भी ज्यादा होंगे। इतने गमलों के वजह से घर को भी नुकसान पहुंचेगा लेकिन इन सारी समस्याओं को दरकिनार करते हुए उन्होंने अपना काम जारी रखा। अब लोग उनकी बागवानी को देखकर तारीफ करते रहते हैं। सुमिता ने अपने बागवानी में इंदौर प्लांट की कई वैरायटी लगाया है, जिसमें 5 स्नेक प्लांट, तीन रबर प्लांट और 7 ड्रेसीना के पौधे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेबी सन रोज, स्वीट पोटैटो वाइन, इंग्लिश आईवी जैसे बहुत सारे पौधे लगाए हैं।

हैंगिंग के जरिए कम जगह में लगाती हैं पौधे

घर में कम जगह होने की वजह से उन्हें अपने पौधों को समय-समय पर अलग-अलग स्थानों पर रखना होता है ताकि सभी पौधों को सूरज की बराबर रोशनी मिल सके। इस समस्या से निपटने के लिए वे प्लास्टिक के गमलों का इस्तेमाल करती हैं और हैंगिंग गमले लगाती हैं। हैंगिंग गमले लगाते वक्त उन्हें इस बात का खास ध्यान रखना पड़ता है कि पौधे और गमले ज्यादा भारी ना हो जाएं। इन कमरों को बनाने के लिए वे घर पर बेकार पड़े प्लास्टिक के डिब्बे और बोतलों का इस्तेमाल करती हैं।

घर के वातावरण पर भी पड़ता है असर

सुमिता बताती हैं कि वे अपने जीवन में भले ही कितना भी व्यस्त रहे लेकिन उन पौधों के लिए समय निकाल लेती हैं। अपने बिजी शेड्यूल में भी वे पौधों का नियमित रूप से ख्याल रखती हैं। उनका यह भी मानना है कि घर में अलग-अलग पौधों के कारण वातावरण भी अच्छा रहता है।

हमें भी अपने घरों के अनुसार पेड़ पौधे लगाने चाहिए। ऐसा बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि पेड़ पौधों के लिए बहुत बड़ी बालकनी की ही आवश्यकता होती है बल्कि छोटे जगह में भी पेड़ पौधों को लगाया जा सकता है। – Sumita Singh from Meerut plants more than 300 trees in her balcony

Amit Kumar
Coming from Vaishali Bihar, Amit works to bring nominal changes in rural background of state. He is pursuing graduation in social work and simentenusly puts his generous effort to identify potential positivity in surroundings.

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