Thursday, September 29, 2022

Buy now

घर पर आसानी से खीरा उगाने के लिए अपनाएं ये तरीका, बेहतर उत्पादन के साथ अच्छा मुनाफा भी होगा

जैसे की हम सब जानते है की जब भी सलाद का नाम आता है लोग खीरा खाना काफी पसंद करते है । क्युकी खीरा सलाद के लिए काफी उत्तम माना जाता है। जैसे ही गार्मिया आने लगती है लोग अपनी सलाद में खीरा जरूर खाते है। खीरा सेहत के लिए बहुत फायदामद भी है। खीरे के संबंध में एक बेहद खास बात ये है की खीरे की खेती पूरे भारतवर्ष में की जाती है।

खीरे की खेती काफी कम लागत में की जा सकती है जिससे अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है। लगभग सभी क्षेत्रों में इसकी खेती की जा सकती है। तो आइए इस खेती की बारे में थोड़ा विस्तार से जानते है।

जानते है खीरे की खेती…

खीरे की खेती करने के लिए 20 डिग्री सेल्शियस से 40 डिग्री सेल्शियस तक का तापमान होना चाहिए। इससे अधिक वर्षा और आद्रता वाला मौसम नही चाहिए क्युकी ऐसा होने पर कीटो की संभावना बढ़ जाती है। और खेती प्रभावित होने लगती है।

अगर हम इस खेती के मिट्टी का बात करें तो इस खेती को बलुई दोमट या दोमट मिट्टी पर आसानी से किया जा सकता है। ध्यान रहे खेती करने से पहले जल का प्रबंध कर लेना चाहिए। भूमि में कार्बन की मात्रा के साथ गर्म जलवायु का होना जरूरी है।

Grow Cucumber At Home

अगर हम किस्म की बात करे तो खीरे की फलों को मुख्य तीन रूप में बाटा जा सकता है।जैसे- विदेशी किस्मे, उन्नत किस्मे और संकर किस्मे. विदेशी किस्म की बात करे तो इसमे जापानी लौंग ग्रीन के साथ-साथ चयन और स्ट्रेट-8 की मांग है। वहीं उन्नत किस्मों में स्वर्ण अगेती, स्वर्ण पूर्णिमा, पूसा उदय और पूना खीरा की अच्छी मांग है। वैसे पंजाब सलेक्शन, पूसा संयोग, पूसा बरखा, खीरा 90 भी इन दिनों बाजार पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। इसी तरह संकर किस्मों में पंत संकर खीरा-1, प्रिया, हाइब्रीड प्रिया सबसे प्रमुख है।

खीरे की खेती करने से पहले मिट्टी की जुताई पलटने वाले हल से अच्छी मानी जाती है। उसके बाद दो या तीन बार हैरो या कल्टीवेटर से मिट्टी को भुरभुरा बनाना चाहिए। आखरी बार जुताई करने से पहले 12 से 20 टन गोबर की जली खाद का प्रयोग करे।

यह भी पढ़ें:-इस महिला ने बनाया Brest Milk से ज्वेलरी, लोगों में बढ़ रहा डिमांड साथ ही बंपर कमाई भी हो रही

अब अच्छी तरह से तैयार हो जाने के बाद खेत में 1 मीटर की दूरी पर मेड़ बनाते हुए 60 से 90 सेंटीमीटर की दूरी पर बीज बोने के लिए गढ्ढे तैयार कर लें। अब प्रत्येक गड्डों में 1 सेंटीमीटर की गहराई पर बुआई का काम प्रारंभ कर दें।

अगर हम गर्मी में फसल कर रहे है तो 5 दिन बाद पानी डालने की जरूरत होती है जबकि सर्दियों में 10 से 15 के बाद पानी की आवश्यकता होती हैं। ध्यान रखे कि तने की वृद्धि के समय या फूल आने के दौरान पानी प्रर्याप्त मात्रा में मिलता रहे। इसके बाद इसके फलों को कोमल हालत में तोड़ लेना चाहिए। मुलायम खीरों को 2 से 3 दिनों के बाद तोड़ना उत्तम है। अगर आप ज्यादा दिनों तक खीरे को छोड़ देंगे तो उसमे बीज ज्यादा बड़ा हो जाता है जिसे खाने में दिक्कत होती है। इसलिए इसे हमे जल्दी तोड़ लेना चाहिए। तो इस तरह से आप आसानी से खीरे की खेती कर सकते हैं और अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
- Advertisement -

Latest Articles