Thursday, September 29, 2022

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“भाड़ में जाओ” का प्रयोग सब करते हैं लेकिन इसका असली मतलब शायद हीं किसी को पता है: जानें

हम लोग बोलचाल की भाषा में वैसे तो काफी सारे शब्द का प्रयोग करते हैं। दोस्तों में या फिर अन्य कई जगहों पर कई शब्दों का प्रयोग करते हैं जिसका हमें मतलब पता नहीं होता फिर भी उस शब्द का प्रयोग किया जाता है। जिससे सुनने में काफी अजीब लगता है और लोग फिर उस शब्द का मतलब गलत निकालने लगते हैं परंतु सभी शब्द गलत नहीं होते उनका कुछ और भी मतलब होता है।

हम लोग बचपन से एक ऐसा शब्द सुनते हैं जिसे हम लोग हमेशा उसका उपयोग करते हैं वह शब्द है ‘”भाड़ में जाओ”। यह शब्द बोलने या सुनने में काफी दिलचस्प होता है और इसका उपयोग लोग हमेशा करते हैं। वैसे तो इन सब का उपयोग बिहार और उत्तर प्रदेश में ज्यादातर होता है। परंतु यह ‘भाड़ में जाओ’ का सही मतलब कुछ और ही होता है तो आईए जानते हैं इसका सही मतलब क्या है।

“भाड़ में जाओ”

‘भाड़ में जाओ’ यह एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग बहुत किया जाता है। अगर हम किसी से गुस्सा हैं तो उसे भाड़ में जाओ बोल देते हैं या फिर अगर किसी से लड़ाई हो रही है तो उस समय भी इस शब्द का प्रयोग किया जाता है या फिर अगर कोई प्रेमी या प्रेमिका हो और उसके दिल को ठेस पहुंचा हो तो वहां पर भी भाड़ में जाओ शब्द का प्रयोग किया जाता है। ऐसे कई सारे वाक्य हैं जिसमें हम लोग भाड़ में जाओ शब्द का उपयोग करते हैं। कुछ लोग इस भाड़ का मतलब नर्क समझते हैं। लेकिन इसका सही मतलब कुछ और ही होता है। वैसे अगर आप इस भाड़ शब्द का सर्च google पर करेंगे तो उसने इस शब्द का शाब्दिक अर्थ आपको नर्क देखने को मिलेगा परंतु यह बिल्कुल ही गलत है इसका सही मतलब कुछ और ही होता है

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अगर हम किसी भी सब का उपयोग करते हैं या फिर बोलते हैं तो उस शब्द का कुछ न कुछ सटीक मतलब जरुर निकलता है। इससे साथ-साथ हुआ शब्द किसी शब्द से जुड़ा हुआ होता है। ठीक वैसा ही भाड़ शब्द भी किसी सबसे जुड़ा हुआ है। यह शब्द भड़भुजा शब्द से लिया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि भड़भुजा क्या होता है। आप अपने घर या गांव देहात में रहते हैं तो वहां देखा होगा सुखी दाल, चना, मूंगफली, लाई को हम लोग बालू में भुंजते है। इसी भुनने को भड़भुजा कहा जाता है।

‘भाड़ में जाओ’ का शाब्दिक अर्थ

अब हम आपको बताएंगे भाड़ का शाब्दिक अर्थ यानी कि इसका सही मतलब क्या होता है। भाड़ का सही मतलब भट्टी होता है। कुछ लोग जो गांव से आते हैं उन्हें भट्टी का मतलब पता होगा। यह भट्टी गीली मिट्टी या फिर ईंट से बनाई जाती है और यह आपको गांव देहात में काफी देखने को मिलेगा। इसे बड़ा चूल्हा भी कहा जाता है। इस भट्ठी पर धान या फिर जो भुनने वाली चीज होती है उसे इस भट्टी पर भुजा जाता है। यह भट्ठी इतनी बड़ी होती है कि इसके दोनों तरफ मुंह होते हैं।

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भट्टी इतनी बड़ी होती है कि अगर इसमें किसी इंसान को डाला जाए तो उसका पूरा शरीर उसके अंदर समा जाएगा। अब आप को भाड़ का सही मतलब पता चल जाएगा। भाड़ यानी कि भट्ठी अब हम लोग क्या बोलते हैं भाड़ में जाओ यानी कि भट्टी में जाओ। अगर इसका सही मतलब निकाले तो होता है कि तुम भट्ठी में जाकर जल के मर जाओ। जी हां इसका सही मतलब होता है अगर आप किसी को बोल रहे हैं कि भाड़ में जाओ तो आप उसे भट्ठी में जाकर के जल कर मरने के लिए बोल रहे हैं। बचपन से हम लोग इस भाड़ शब्द का प्रयोग कर रहे हैं परंतु इसका सही मतलब पता नहीं था जब हम किसी इंसान से काफी बोरिंग या फिर उब जाते हैं तो गुस्से में हम लोग भाड़ शब्द का प्रयोग कर देते हैं। परंतु अब आप लोगों को भाड़ में जाओ का सही मतलब पता चल गया है।

इसी तरह और भी कई शब्द हैं जिसका उपयोग हम कई बार करते हैं परंतु उसका मतलब हमें मालूम नहीं होता है इसलिए अगर आगे से आप किसी को कुछ बोल रहे हैं तो उस शब्द का सही मतलब अवश्य जान लें।

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