Sunday, February 5, 2023

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इस मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है शराब, सिगरेट सहित बिस्कुट और नमकीन, जानिए अद्भुत है वजह

हमारा देश भारत एक हिंदूवादी राष्ट्र है। यहां की सभ्यता और संस्कृति दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पूरे भारतवर्ष में भगवान की बड़ी-बड़ी मंदिर बना हुआ है जहां प्रसाद के रूप में तरह-तरह की चीजें चढ़ाई जाती है। प्रसाद का बहुत बड़ा महत्व है।

लोग भगवान को प्रसाद के रूप में मिष्ठान, खीर जैसे चीजों का भोग लगाते हैं परंतु उज्जैन में स्थित भगवान भैरव नाथ का प्रसाद कुछ अलग चढ़ाया जाता है यहां भगवान को प्रसाद के रूप में मिष्ठान के अलावा नमकीन शराब सिगरेट जैसे चीजों का भोग लगाया जाता है। यह परंपरा प्राचीन काल से चलती आ रही है आइए जानते हैं उज्जैन के भगवान भैरवनाथ के बारे में।

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भगवान भैरवनाथ

भगवान भैरवनाथ मध्य प्रदेश के उज्जैन के शिप्रा नदी के तट पर स्थित हैं इस मंदिर को राजा भद्रसेन के द्वारा बनाया गया था। भगवान भैरव नाथ को प्रसाद के रूप में शराब और सिगरेट भी चढ़ाए जाते हैं जो हिंदू धर्म के अनुसार काफी अनूठा प्रसाद है। प्रसाद चढाने के साथ-साथ भगवान भैरव नाथ को पूरे श्रृंगार से सजाया जाता है। उसके बाद इनकी पूजा अर्चना की जाती है। यहां पूरे देश भर से लाखों लोग भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए आते रहते हैं। कहा जाता है कि भगवान भैरव नाथ को मिष्ठान के साथ-साथ शराब, सिगरेट चढ़ाने की परंपरा कई सालों से चलती आ रही है। जो भी लोग भगवान को दर्शन करने आते हैं वह अपने साथ कुछ न कुछ लेकर जरुर आते हैं।

भैरवनाथ का अनूठा प्रसाद

भगवान भैरवनाथ को शराब, सिगरेट के साथ-साथ 56 प्रकार के नमकीन, 45 प्रकार के बिस्कुट, 60 प्रकार के गुजराती नमकीन, 390 प्रकार के अगरबत्ती, 55 प्रकार की मिठाई, 180 प्रकार के फेस मास्क, भांग चिलम जैसे चीजों का भोग लगाया जाता है। कहा जाता है कि भगवान भैरव नाथ को इस सब चीजों का भोग लगाने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। इसके साथ-साथ लोग हर साल बड़ी मात्रा में भेट भी चढ़ाते हैं।

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1351 प्रकार के चढ़ाए गए भोग

बताया गया है कि बीते बुधवार को भगवान भैरवनाथ पर 1351 प्रकार के भोग चढ़ाए गए थे। जो भक्त भैरवनाथ के दर्शन करने आते हैं, वे प्रसाद के रूप में भगवान भैरव नाथ के लिए अपने साथ तरह-तरह के चीज लेकर के आते हैं। इन्हीं प्रसाद को इकट्ठा करके 1351 प्रकार के भोग लगाए गए हैं। भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना के बाद इन सभी प्रसाद को सारे भक्तों में बांट दिया जाता है।

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