Wednesday, October 5, 2022

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पर्यावरण संरक्षण: जबलपुर के इस परिवार ने बिना पेड़ काटे बनाया 2 मंजिला घर, दूसरों को भी कर रहे प्रेरित

हमारे जीवन में पर्यावरण का क्या महत्व है, यह हम सब बहुत अच्छे से जानते है। पर उसके बाद भी हम लोग पर्यावरण का ध्यान अच्छे से नही रख पाते है। और अगर हम पर्यावरण का ध्यान अच्छे से नही रख पाएंगे। तो हम भी जीवन नही जी पाएंगे। आए दिन पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हमारे देश में कई प्रोग्राम चलाए जाते है। हमारे प्रधानमंत्री ने भी कुछ समय पहले स्वच्छ भारत अभियान चलाया था। क्योंकि हमारे देश को स्वच्छ रखना हम सभी के हाथ में है। और यह हमारे लिए बहुत जरूरी हैं। पर्यावरण को जितना हम लोग दूषित करेंगे उतनी ही हमे जीने में कठिनाइयां होंगी। हर साल कुछ नए नियम हमे सिखाए और समझाए जाते है कि कैसे हमे अपने पर्यावरण का ध्यान रखना है। यह बात हम सब बहुत अच्छे से जानते है, परंतु इनपर अमल नहीं कर पाते है। परंतु कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हे पर्यावरण से बहुत लगाव है। और वह अपने आस पास के इलाकों में इसका बहुत ध्यान रखते है।

जितना हो सके पेड़ पौधों को कम काटते है। और अपने घरों में अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाते हैं। यह हमे जीवन प्रदान करते है। तो हमारा भी यह फर्ज़ बनता है, कि हम पेड़ पौधों को अपनी छोटी से छोटी से जरूरत के लिए न काटे और अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए। हमारी जरुरते कुछ इस तरह हो गई हैं कि इंसान निस्वार्थ होकर सिर्फ अपने बारे में सोचता है। और अपनी हर छोटी जरूरत के लिए पेड़ को काट देता है। जरूरत ही नही बल्कि अपने घर की सुंदरता के लिए भी इंसान पेड़ो को काट देते हैं। लोग जब घर बनवा रहे हो और अगर उनके घर के सामने कोई पेड़ कोई बाधा डाल रहा हो तो वह बिना सोचे समझे उसे कटवा देते है लोगो को पेड़ पौधों का महत्व समझना चाहिए।

आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही परिवार के बारे में जिनके घर को बनाने में एक पीपल का पेड़ बढ़ा बन रहा था। परंतु उन सभी को पेड़ पौधों से बहुत प्रेम हैं। जिसके कारण उन्होंने पेड़ को नही कटा और घर इस तरह बनाया कि घर के अंदर से ही पेड़ की शाखा होते हुए आसमान की तरफ जा रही है। आइए जानते हैं, इनकी कहानी……

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कौन है वह परिवार…..

जिस परिवार की हम बात कर रहे हैं। वह परिवार केसरवानी परिवार है। और फिलहाल इस परिवार के मुख्य योगेश केसरवानी (Yogesh Kesarwani), यह परिवार मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के रहने वाला है। उनका पूरा परिवार पेड़ पौधों से बहुत प्रेम रखता है। उन्हे उनसे इतना लगाव है कि उन्होंने अपने घर में बहुत सारे पौधे लगाये हुए है। योगेश केसरवानी के पिता ने जब घर बनाने के लिए कुछ साल पहले जमीन खरीदी थी। उस समय वहा पीपल का बहुत एनडीए पेड़ मौजूद था और उसके साथ दो तीन और पेड़ वही मौजूद थे। उन्हे पेड़ पौधे से इतना प्रेम था कि उन्हे वह पेड़ कटवाना बिलकुल भी मंजूर नहीं था। मिस्त्री ने जब घर का नक्शा बनाया और कहा की पेड़ो को कटवाना पड़ेगा तो यह उन्हे हरगिज मंजूर नहीं था। उन्होंने किसी दूसरे मिस्त्री की तलाश की। उन्हे एक ऐसे मिस्त्री की तलाश थी जो बिना पेड़ो को काटे उनके घर का नक्शा तैयार कर दे। और आखिर कार एक लंबी खोज के बाद उन्हे एक ऐसा मिस्त्री मिला जिसने बिना पेड़ो को काटे उनके घर का नया नक्शा तैयार कर दिया था।

पेड़ो के साथ ही बना घर…..

मिस्त्री द्वारा घर का नक्शा तैयार हो जाने के लग भग एक साल बाद केसरवानी परिवार का घर तैयार हो गया था। जिसमे से पीपल का बहुत पुराना पेड़ और दो तीन अन्य पेड़ो की शाखाएं उनके घर के बीच में से होती हुई जा रही थी। जिसके कारण उनके घर में गार्डन बनाने की जगह नहीं बची थी। जैसा की हमने पढ़ा कि उन्हे पेड़ पौधों का बहुत शौंक था। तो उनकी यह तमन्ना थी कि जब वह घर बनाएंगे तब वह उसमे एक गार्डन अवश्य तैयार कराएंगे। परंतु पीपल का 100 साल पुराना पेड़ न काटने के कारण उनकी गार्डन की तमन्ना पूरी नही हो पाई। परंतु वह इससे निराश नहीं थे क्योंकि उन पेड़ो को न कटवा कर उनकी शाखाएं घर में से निकलना भी उनकी ही मर्जी थी। इसके अलावा उन्होंने अपने घर की छत पर और घर में बहुत सारे अलग अलग पौधे लगाए हुए है।

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दुनिया का नजरिया……

परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब उनका घर बनकर तैयार हुआ। तब आस पास के लोग इनपर बहुत हंसते थे।लोगो का कहना था कि जितनी जगह उन्होंने पेड़ो को न काटकर घर में ही रख कर बर्बाद की है। उतने में यह लोग बहुत अच्छा खासा नक्शा बनवा कर बहुत आलीशान घर बनवा सकते थे। क्योंकि घर में बहुत सारी जगह पुराने पेड़ो ने घेर ली थी। और हर किसी पेड़ की शाखा के लिए हर जगह खिड़कियां भी बनवाई गई थी। जिसके कारण उनके घर के लिए जगह कम बच गई थी। और वह गार्डन भी नही बनवा पाए थे।।परंतु इन सबसे उन्हे किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं थी। यह उन्ही की मर्जी थी कि वह इतने पुराने पेड़ो को न काटे और घर में से ही उनका रास्ता निकाले। योगेश ने बताया कि पहले उनकी मां पीपल के 100साल पुराने पेड़ की पूजा करती थी। उसके बाद अब उनकी पत्नी भी उस पेड़ की पूजा करते है। इसके अलावा उनके घर कई तरह के फूलो वाले पौधे भी लगे हुए है।

उनका पर्यावरण के प्रति प्रेम देख कर हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए न कि उनका मजाक बनाना चाहिए। और हमे अपने घर पर अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। और जितना हो सके अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखना चाहिए।

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